बिना पंचायत की बैठक के बकरी पालन केंद्र का निर्माण शुरू, ग्रामीणों में नाराजगी
धमतरी, 10 अक्टूबर (हि.स.)।ग्राम पंचायत भटगांव स्थित रीपा केंद्र में एकीकृत छोटे पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत बकरी पालन केंद्र के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का विरोध एक बार फिर सामने आया है।
शनिवार को निर्माणाधीन स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने नारेबाजी कर नाराजगी जताई और निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत की विधिवत बैठक में प्रस्ताव पारित किए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इतना ही नहीं, पंचों को मरादेव के पास स्थित एक रिसार्ट में ले जाकर प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय नियमानुसार बैठक में चर्चा के बाद ही लिए जाने चाहिए। बकरी पालन केंद्र के निर्माण का विरोध पहले भी हो चुका है। लगभग चार माह पहले ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कराए जाने को लेकर विवाद सामने आया था, जिसके बाद निर्माण कार्य पर रोक लग गई थी। अब दोबारा काम शुरू होने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि रीपा केंद्र में पहले से ही रोजगारमूलक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिनसे करीब 40 परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। यहां दीदी की रसोई और बुनकर सोसायटी के माध्यम से लोगों को रोजगार मिल रहा है। ऐसे में इस स्थान पर बकरी पालन केंद्र का निर्माण शुरू करना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उनकी आपत्तियों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन तेज किया जाएगा। पूर्व में कलेक्टर से भी इसकी शिकायत की जा चुकी है।
ग्रामीणों के अनुसार, नौ अक्टूबर की शाम को पंचों को मरादेव के पास स्थित एक रिसार्ट में ले जाया गया था, जहां बकरी पालन केंद्र शुरू करने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराए गए। कुछ पंचों ने पंचायत की बैठक के बजाय रिसॉर्ट में हस्ताक्षर कराने पर आपत्ति जताई और प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। ग्रामीणों के मुताबिक, योगेश्वर देवांगन, तुलाराम देवांगन, खिलावन देवांगन, सुदामा देवांगन, लता देवांगन और भोलाराम ध्रुव ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष दूजराम साहू ने कहा कि बकरी पालन केंद्र को लेकर पिछले दो-तीन महीने से विरोध किया जा रहा है। ग्रामसभा की बैठक में इस विषय पर चर्चा तक नहीं हुई, जबकि शाम को पंचों को रिसार्ट ले जाकर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस जमीन पर दीदी की रसोई सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से लगभग 40 लोगों को रोजगार मिल रहा है।
ग्रामीण पंच तुलाराम देवांगन ने कहा कि करीब पांच एकड़ में रीपा केंद्र संचालित है। बकरी पालन केंद्र के लिए प्रस्ताव पहले ही निरस्त हो चुका है। उनका सुझाव है कि भविष्य में इस स्थान का उपयोग स्कूल या कालेज जैसे शैक्षणिक संस्थान के लिए किया जाना चाहिए। योगेश्वर देवांगन ने आरोप लगाया कि नौ अक्टूबर की शाम उन्हें काम के बहाने मरादेव के एक रिसार्ट में ले जाया गया। वहां मोबाइल ले लिए गए और बकरी शेड निर्माण के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराने की प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने पंचायत पदाधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बुनकर सोसाइटी से जुड़े करीब 40 लोग यहां काम कर रहे हैं।
खिलावन देवांगन ने कहा कि पंचायत का विधिवत प्रस्ताव पारित किए बिना निर्माण कार्य कराया जाना ही विरोध का मुख्य कारण है। कार्य में पारदर्शित बरती जानी चाहिए। ग्रामीण नहीं चाह रहे हैं, इसके बाद भी बार-बार जबरिया यहां बकरी पालन केंद्र शुरू कराने प्रशासन अड़ा हुआ है। इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव अभिषेक तिवारी ने कहा कि ग्रामीणों के आरोपों गलत और निराधार हैं। पंचायत में प्रस्ताव पारित होने के बाद ही कार्य कराया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा