कांग्रेस ने भाजयुमो नेताओं के खिलाफ किया गुढ़ियारी थाने के सामने धरना प्रदर्शन
रायपुर, 16 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाने में हुई तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में शहर कांग्रेस ने बुधवार को प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता गुढ़ियारी थाने के सामने पहुंचे और धरना देकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर गृह मंत्री विजय शर्मा और स्थानीय भाजपा विधायकों के खिलाफ भी नारेबाजी की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह घटना पूरे छत्तीसगढ़ और राजधानी रायपुर में अपने आप में पहली घटना है, जब गृह मंत्री के शहर में रहते हुए उनके विभाग के पुलिस अधिकारी और राजधानी के टीआई नरेंद्र साहू के साथ थाने में दुर्व्यवहार, धक्का-मुक्की और उनके नामपट्टिका सहित कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना हुई।
घटना के करीब 24 घंटे बाद भी किसी दोषी की गिरफ्तारी नहीं होने पर शहर कांग्रेस ने आक्रोश जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के बाद डीजे गाड़ी और आरोपियों की गाड़ियां राजनीतिक दबाव में छोड़ दी गईं। उन्होंने इसे पुलिस पर भाजपा नेताओं के कथित दबाव का प्रमाण बताया। इसी मुद्दे को लेकर शहर कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गुढ़ियारी थाने के सामने पहुंचे और टीआई से मिलने का प्रयास किया। कांग्रेसजन अपने साथ फूलों का गुलदस्ता लेकर आए थे, जिसे वे टीआई नरेंद्र साहू को देकर उनका तथा पुलिस कर्मचारियों का नैतिक समर्थन करना चाहते थे।
शहर कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। 4-5 थानों के टीआई, एएसपी पूर्णिमा लांबा समेत कई अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को थाने के बाहर रोक दिया। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि पुलिस ने कल थाने में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ भी इसी तरह कार्रवाई की होती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
टीआई नरेंद्र साहू को गुलदस्ता नहीं देने के पुलिस अधिकारियों के रवैये से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए और करीब दो घंटे तक नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री विजय शर्मा और भाजपा के स्थानीय विधायकों के खिलाफ पोस्टर लहराए। उन्होंने उनके संरक्षण में रायपुर को ‘अपराधपुर’ और ‘गुंडापुर’ बनाने का आरोप लगाया तथा पुलिस के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना को पुलिस का मनोबल तोड़ने वाली घटना बताया।
टीआई को गुलदस्ता देने के प्रयास को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस जब गलत करेगी तो कांग्रेस सड़क पर आकर उसका विरोध करेगी और जब पुलिस कानून का पालन करने का प्रयास करेगी तो उसके सम्मान के लिए कांग्रेसजन सड़क पर आकर आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग पुलिस के टीआई से धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार कर सकते हैं, वे आम लोगों के साथ क्या कर सकते हैं, यह सोचने का विषय है।
करीब तीन घंटे चले प्रदर्शन के बाद एएसपी आदित्य पांडेय भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन की लगातार मांग के बावजूद टीआई नरेंद्र साहू को उनके उच्च अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों के सामने नहीं आने दिया गया। इसके बाद टीआई के लिए लाया गया गुलदस्ता एएसपी आदित्य पांडेय और डीसीपी पूर्णिमा लांबा को सौंपा गया।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आयुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल