बस किराया वृद्धि, बिजली बिल और भर्ती परीक्षाओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

 


रायपुर, 15 अक्टूबर (हि. स.)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस किराए में वृद्धि, बिजली बिलों में अतिरिक्त शुल्क की वसूली, पटवारियों की हड़ताल, भर्ती परीक्षाओं के स्थगन और सहकारी समितियों की खरीद प्रक्रिया में बदलाव को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार की नीतियों से आम जनता, किसानों, मजदूरों, छात्रों और युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने बस किराए में की गई वृद्धि वापस लेने सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा है।

बस किराया बढ़ाने को बताया जनता पर बोझ

दीपक बैज ने कहा कि एक साल के भीतर दूसरी बार बस किराए में भारी वृद्धि की गई है। उनके अनुसार, साधारण बसों के किराए में 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि स्लीपर, एसी, सेमी-स्लीपर और लग्जरी बसों का सफर भी महंगा हो गया है। उन्होंने कहा कि महंगाई के बीच किराया बढ़ने से आम यात्रियों और परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

बैज ने खाद्य सामग्री, राशन, तेल, दाल, सब्जियों, बिजली, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि का उल्लेख करते हुए इसके लिए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने प्रदेश सरकार से बस किराए में की गई वृद्धि तत्काल वापस लेने की मांग की।

बिजली बिलों में अतिरिक्त कोयला प्रभार वसूलने का आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि, अक्टूबर महीने में बिजली उपभोक्ताओं पर 300 से 1,000 रुपये तक का अतिरिक्त कोयला प्रभार लगाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ उपभोक्ताओं द्वारा केवल बिजली बिल का भुगतान करने और अतिरिक्त प्रभार जमा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। बैज के मुताबिक, कुछ उपभोक्ताओं की बिल भुगतान की अंतिम तारीख नहीं आने के बावजूद पिछला बकाया बताकर कनेक्शन काटने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि, बिजली विभाग द्वारा कभी अनुबंधित भार से अधिक खपत, कभी सेस और कभी कोयला प्रभार के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। बैज ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद बिजली दरों में पांच बार वृद्धि हुई है और इस साल जुलाई से घरेलू, गैर-घरेलू तथा कृषि पंपों की बिजली दरें भी बढ़ाई गई हैं।

उन्होंने कहा कि, सरकार के कार्यकाल में बिजली दरों में कुल 31.23 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जबकि कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल में केवल दो पैसे की वृद्धि की गई थी। उन्होंने बिजली बिलों में बढ़ोतरी और अतिरिक्त शुल्क को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी प्रभावित होने की आशंका

बैज ने कहा कि, प्रदेशभर में पटवारी अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी धान खरीदी शुरू होने से पहले पटवारी हड़ताल पर चले गए थे। इस बार भी पंजीयन में देरी होने से धान खरीदी की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने सरकार से पटवारियों की मांगों पर चर्चा कर हड़ताल समाप्त कराने की मांग की। बैज ने कहा कि यदि पोर्टल में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं तो सरकार को उनका समाधान करना चाहिए, ताकि किसानों को धान खरीदी के दौरान परेशानी न हो।

भर्ती परीक्षाएं स्थगित होने पर युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा एसआई और सूबेदार भर्ती परीक्षा स्थगित किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, इससे पहले पीएससी-2025 के साक्षात्कार भी स्थगित किए गए थे। इसके अलावा शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित होने और आरक्षक भर्ती के परिणाम घोषित नहीं होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।

बैज ने दावा किया कि, प्रदेश के विभिन्न विभागों में लगभग 1.10 लाख पद रिक्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय टाल रही है, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने रिक्त पदों पर भर्ती और लंबित परीक्षाओं की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की।

सहकारी समितियों की खरीद प्रक्रिया में बदलाव पर सवाल

दीपक बैज ने सहकारी समितियों के लिए तिरपाल, कैप कवर, कैमरा और सुतली जैसी सामग्री की खरीद प्रक्रिया में बदलाव को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन सामग्रियों की खरीद में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और स्थानीय व्यापारियों की भूमिका को सीमित किया जा रहा है।

बैज के अनुसार, अपेक्स बैंक के माध्यम से केंद्रीकृत टेंडर प्रक्रिया अपनाने से स्थानीय समितियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों में बदलाव से गुजरात की कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि स्थानीय व्यापारियों और सहकारी समितियों को दरकिनार कर खरीद प्रक्रिया में बदलाव क्यों किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इन सभी मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार से जनहित में निर्णय लेने, बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने, पटवारियों की हड़ताल समाप्त कराने और भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर