श्रीराम मंदिर चढ़ावा चाेरी की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच हाे - उमाशंकर शुक्ला
बीजापुर, 16 जुलाई (हि.स.)। श्रीराम मंदिर चढ़ावा चाेरी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर कांग्रेस ने आज गुरुवार को बीजापुर में आयोजित प्रेस वार्ता में बीजापुर प्रभारी उमाशंकर शुक्ला ने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर देश भर के श्रद्धालुओं से जुटाए गए चंदे और मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्हाेने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े हालिया घटनाक्रम और कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्हाेने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
बीजापुर प्रभारी उमाशंकर शुक्ला ने प्रधानमंत्री से भी इस मामले पर जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि ट्रस्ट के गठन, शीर्ष नियुक्तियों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से अलग नहीं हो सकती। पार्टी का आरोप है कि कथित अनियमितताओं के मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि शीर्ष स्तर की जवाबदेही अब तक तय नहीं हुई है। उन्हाेने राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद, आयोजनों और अन्य व्ययों का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग भी उठाई। पार्टी ने वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर एक अधिक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
एक सवाल के जवाब में उमाशंकर शुक्ला ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस केवल राम मंदिर ट्रस्ट ही नहीं, बल्कि देश की सभी धार्मिक संस्थाओं के वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक संस्थानों के चंदे, दान और वित्तीय प्रबंधन का नियमित ऑडिट होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। प्रेस वार्ता के दाैरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियम, कमलेश कारम, वेणुगोपाल राव, सुनील उद्दे, पुरुषोत्तम सल्लूर, राजेश जैन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे