कांग्रेस ने बाढ़ पीड़ित किसानों काे राहत देने भाजपा सरकार के खिलाफ किया चक्काजाम

 


जगदलपुर, 04 नवंबर (हि.स.)। बस्तर में हाल ही में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित किसानों और आम नागरिकों को पर्याप्त मुआवजा एवं राहत प्रदान करने की मांग को लेकर आज बुधवार काे बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने आमागुड़ा चौक पर चक्काजाम कर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस माैके पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य व ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने किसानों को 65,000 प्रति एकड़ मुआवजा देने, बाढ़ प्रभावित किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड ऋण माफ करने तथा प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के पश्चात राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन से तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की गई।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि हाल ही में बस्तर संभाग, विशेषकर जगदलपुर एवं आस-पास के क्षेत्रों में आई भीषण बाढ़ ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बाढ़ के कारण किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। खेतों में लगी फसल के साथ किसानों की महीनों की मेहनत, लागत और पूंजी भी पानी में बह गई। आज किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और उनके सामने अगली फसल की तैयारी करने के साथ-साथ बैंक ऋण चुकाने की भी बड़ी चुनौती खड़ी है। भाजपा सरकार की राहत नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाढ़ से हुए भारी नुकसान के बाद किसानों को 3,000 प्रति एकड़ अथवा 8,000 प्रति हेक्टेयर जैसी सीमित सहायता दिए जाने की बात कही जा रही है।

सरकार को किसानों की पीड़ा समझते हुए केवल औपचारिक सहायता की घोषणा करने के बजाय उनके केसीसी ऋण माफ करने का निर्णय लेना चाहिए। बाढ़ प्रभावित किसानों एवं परिवारों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी ने पूर्व में 15 अक्टूबर को कलेक्टरेट तक मार्च कर ज्ञापन सौंपा था, और शासन को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी शासन की ओर से न तो किसानों को पर्याप्त राहत देने की कोई ठोस घोषणा हुई और न ही उनकी प्रमुख मांगों पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है। सरकार की इस उदासीनता के विरोध में कांग्रेस को सड़क पर उतरकर चक्का जाम करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने कहा कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ ने किसानों और आम नागरिकों को गहरी आर्थिक चोट पहुंचाई है। अनेक किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और ग्रामीण परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा है। खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के लिए फसल का नुकसान केवल एक मौसम का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे वर्ष की आर्थिक व्यवस्था बिगड़ने जैसा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रभावित किसानों और परिवारों को तत्काल पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।

इस दौरान पूर्व विधायक रेखचंद जैन, किसान नेता लखेश्वर कश्यप, जिला उपाध्यक्ष लेखन बघेल, किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप, महादेव, महामंत्री अभिषेक नायडू, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष सेठिया, सहदेव नाग, बलराम यादव, नीलकंठ, बुधराम, लक्ष्मी भारती, बुधप्रकाश, रमेश, पुरण कश्यप, प्रकाश आदि मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे