कांग्रेस के बस्तर विधायक ने बाढ़ प्रभाविताें को राहत पैकेज जारी करने का किया आग्रह

 


जगदलपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 85 के विकासखंड बस्तर एवं बकावंड के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही में आई बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान को लेकर कांग्रेसके विधायक लखेश्वर बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रभावित परिवारों को तत्काल क्षति पूर्ति राशि एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। विधायक ने बस्तर क्षेत्र के लिए विशेष राहत पैकेज जारी करने का भी आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक बघेल ने कहा है कि बस्तर क्षेत्र में लगातार हुई भारी वर्षा के बाद आई बाढ़ से ग्रामीण एवं आबादी वाले क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनके अनुसार, बाढ़ की वजह से अनेक परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हुए हैं। बड़ी संख्या में किसानों की खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं तथा घरों में रखे अनाज, बर्तन, कपड़े और दैनिक उपयोग की सामग्री भी नष्ट हुई है। बच्चों की कापी-किताब, स्कूल ड्रेस और बस्ते तक बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। विधायक ने पत्र में बताया कि उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्वयं दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। कई प्रभावित परिवारों के सामने पुनः जीवन शुरू करने की चुनौती है और कुछ परिवार अब भी अस्थायी ठिकानों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने राहत कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के दीर्घकालीन पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर दिया है।

विधायक ने रखीं ये प्रमुख मांगें

1. तत्काल क्षतिपूर्ति राशि: प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए घोषित क्षतिपूर्ति राशि का अविलंब भुगतान किया जाए। 2. क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता: पूरी तरह नष्ट हुए मकानों का तत्काल चिन्हांकन कर आवास निर्माण के लिए सहायता राशि स्वीकृत की जाए तथा प्रथम किश्त तत्काल जारी की जाए। 3. फसल नुकसान का मुआवजा: बाढ़ से प्रभावित किसानों की खड़ी फसलों का उचित मूल्यांकन कर प्रति एकड़ सम्मानजनक क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाए। 4. बच्चों को शिक्षण सामग्री: बाढ़ में कापी-किताब, स्कूल ड्रेस और बस्ता गंवा चुके बच्चों को तत्काल आवश्यक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। 5. कपड़े और घरेलू सामग्री की भरपाई: प्रभावित परिवारों के नष्ट हुए कपड़े, बर्तन एवं अन्य आवश्यक घरेलू सामग्री के लिए आर्थिक सहायता अथवा सामग्री उपलब्ध कराई जाए। 6. राजस्व अभिलेखों का पुनर्निर्माण: बाढ़ में नष्ट हुए राजस्व रिकॉर्ड एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को पुनः तैयार करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। 7. महिला स्व-सहायता समूहों को राहत: बाढ़ में स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं के मशीन, उपकरण एवं अन्य सामग्री नष्ट होने से उन पर बैंक ऋण का भार बढ़ गया है। ऐसे मामलों का आकलन कर बैंक ऋण में राहत अथवा ऋण माफी पर विचार किया जाए। 8. रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

विधायक बघेल ने पत्र में प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व विभाग द्वारा किए जा रहे नुकसान के सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया तभी प्रभावी रूप से आगे बढ़ सकेगी, जब क्षति का सही और शीघ्र आकलन किया जाए। विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बस्तर क्षेत्र में आई इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए तत्काल विशेष राहत एवं पुनर्वास पैकेज जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को केवल तत्काल राहत ही नहीं, बल्कि मकान, कृषि, शिक्षा, रोजगार और आजीविका की पुनर्बहाली के लिए भी समुचित सहायता की आवश्यकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे