नकटी गांव में हुए विस्थापन मामले पर कांग्रेस ने भाजपा पर झूठ परोसने का लगाया आरोप

 


-वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू की पत्रकार वार्ता

रायपुर, 07 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के रायपुर के माना क्षेत्र में स्थित नकटी गांव में हुए विस्थापन मामले पर कांग्रेस ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए भाजपा पर झूठ परोसने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का दावा है कि उनके कार्यकाल में हाउसिंग बोर्ड द्वारा यह जमीन विधायकों के लिए ही चिन्हित की गई थी।

नकटी के प्रभावितों के लिए गठित कांग्रेस की कमेटी के संयोजक वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू ने आज पार्टी के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि ”भाजपा सरकार अपराध बोध से ग्रसित है, इतना बड़ा जघन्य अपराध, 85 से अधिक परिवारों को के साथ जो किया है वह अक्षम्य अपराध है। सरकार और भाजपा के सभी लोग अब इस घटना की दिशा मोड़ने में लगे हुए हैं और यह साबित करने की कोशिश में लगे हुए हैं कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है।

धनेन्द्र साहू ने प्रेस वार्ता में कहा कि नकटी में किया गया तोड़ फोड़ भाजपा सरकार का अपराधिक कृत्य है। बिना किसी कार्य योजना के गरीबो के मकानो को तोड़ा गया, उसके चौतरफा विरोध के बाद सरकार लगातार झूठ परोस रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि खसरा नंबर 407, 477 और 524 इन तीनों को मिलाकर 24 हेक्टेयर होता है। यह जमीन आज भी राजस्व रिकॉर्ड में सम्लित चारागाह के रूप में दर्ज है। इसमें शासकीय भूमि सिर्फ 3 हेक्टयर है। इसमें खसरा नंबर 698, 700 और 701 है, जो कि एनआरडीए के नाम दर्ज है।धनेंद्र साहू ने 1930-31 चकबंदी रिकॉर्ड को दिखाते हुए कहा कि नंबरदार हैं रामभरोसा दानी। उस समय के मालगुजार।इसमें 50-60 लोगों के नाम हैं, जो कि भू-स्वामी हैं।इसका शुरू से लगान पटते आ रहा है। यह सब सम्मिलित चारगाह की भूमि है। इस जमीन को किसी भी कीमत से नहीं ले सकती है। इसे अधिग्रहण से ही सरकार ले सकती है। इस पर निर्णय का अधिकार ग्राम सभा के पास होती है। धनेन्द्र साहू ने कहा कि जिस नकटी के जमीन की बात हो रही है, उस समय के आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद का अक्टूबर 2024 का यह पत्र सारे मामले को साफ कर देता है। आनंद ने जो पत्र लिखा है उसमें उन्होंने संबंधित खसरा नम्बरो का उल्लेख किया है, नकटी के 29.172 हेक्टेयर भूमि के आबंटन हेतु उन्होंने कलेक्टर रायपुर को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि इसमें कच्चे पक्के छोटे छोटे मकान बने हुए हैं, यहां अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है, जिससे आगे माननीय जन प्रतिनिधियों को विशेष आवास योजनान्तर्गत विकसित भूखंड आबंटित करने में बाधा उत्पन्न होगी। अतिक्रमण हटाने और गृह निर्माण मंडल को शीघ्र भूमि आबंटित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

धनेंद्र साहू ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि नकटी गांव के पास भाजपा नेताओं का भी कब्जा है। वहां से कब्जा क्यों नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नकटी गाँव के पास की जमीनों का ऑडिट किया जाना चाहिए। नकटी गांव के नागरिकों से बिना चर्चा किये आधी रात को उनके घरों पर बुलडोजर चलाया गया। बारिश के मौसम में गरीबों को घर से बेघर किया गया, यह अन्याय है कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है। नकटी से हटाए गए लोगों को गांव में ही बसाहट और उचित मुआवजा दिए जाने की मांग करते हुए धनेन्द्र साहू ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर बसाने का प्रयास किया जा रहा है, यह अमानवीय कार्रवाई है और और इससे ग्रामीणों के सारे अधिकार छिन जायेंगे।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने पूर्व आईएएस अफसर और वर्तमान में भाजपा की सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी पर आरोप मढ़ते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व में रायपुर में कलेक्टर के पद पर रहते हुए कई इलाकों से गलत तरीके से अतिक्रमण हटवाया। वर्तमान में भी नकटी के ग्रामीणों को अवैधानिक तरीके से बेदखल किया गया है। विकास ने आरोप लगाया कि चौधरी ने यह कृत्य इलाके में जमीनें खरीदने वाले उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया है। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कहा कि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने नकटी से ग्रामीणों को बेदखल किये जाने की कार्रवाई को गलत ठहराया था, मगर बीते 72 घंटों से सरकार ने इस मुद्दे पर अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा