बिना अनुमति नलकूप खनन पर पूर्ण रोक
जल संकट के बीच प्रशासन सख्त, धमतरी जिला घोषित जलाभावग्रस्त घोषित
धमतरी, 02 अप्रैल (हि.स.)। जिले में बिना अनुमति नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। कम वर्षा, अल्पवृष्टि और खंडवृष्टि के कारण जिले में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इसके चलते हैंडपंप, नलजल योजनाएं, सिंगल फेस पावर पंप और सोलर आधारित पेयजल योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जारी आदेश के अनुसार जल स्रोतों से सिंचाई, औद्योगिक या अन्य प्रयोजनों के लिए पानी लेने पर भी नियंत्रण रहेगा। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य यह है कि उपलब्ध जल का उपयोग पहले घरेलू जरूरतों के लिए सुनिश्चित किया जाए। आवश्यक होने पर कलेक्टर द्वारा निर्धारित अवधि के लिए किसी जल स्रोत के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध भी लगाया जा सकेगा।
निर्धारित अवधि में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के कोई भी नया नलकूप नहीं खोदा जा सकेगा, चाहे वह पेयजल के लिए हो या अन्य किसी उपयोग के लिए। हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और नगरीय निकायों को केवल पेयजल आपूर्ति के लिए नलकूप खनन की अनुमति दी गई है, लेकिन उन्हें भी इसकी जानकारी संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को देनी होगी।
आदेश के पालन के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धमतरी, कुरूद और नगरी को उनके-उनके क्षेत्रों में प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जल संरक्षण को प्राथमिकता दें और नियमों का पालन कर जिले में पेयजल संकट से निपटने में सहयोग
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा