गंदे पानी की शिकायत पर निगम-स्वास्थ्य विभाग हरकत में
धमतरी, 02 सितंबर (हि.स.)। धमतरी शहर के बनियापारा वार्ड के बाद अब नयापारा, रामसागरपारा और रिसाइपारा पूर्व में भी पीलिया-टायफाइड के मामले सामने आए हैं। इसके बाद निगम और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। नयापारा में गंदे पानी की शिकायत के बीच बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर सर्वे कर बुखार मरीजों की मलेरिया जांच कर रही है। इसकी जानकारी मिलने पर महापौर रामू रोहरा ने नयापारा और रामसागरपारा पहुंचकर पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया और मरीजों के स्वजनों से हालचाल जाना।
धमतरी शहर नयापारा वार्ड में गंदे पानी की समस्या से लोग परेशान हैं। वार्डवासियों के अनुसार बारिश के बाद घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है। वार्ड निवासी कौशिल्या यादव ने बताया कि बारिश के बाद से घर में गंदा पानी आ रहा है। नालियों में गोबर जमा होने से बदबू की समस्या भी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की लगभग 15 दिनों तक तबीयत खराब रही और लगातार उपचार के बाद अब वह स्वस्थ हुई है। पुनेश्वरी यादव ने बताया कि गंदे पानी की वजह से अब पानी उबालकर पीना पड़ रहा है। शाबरा बेगम ने बताया कि उनके घर के बच्चे करीब 15 दिनों से बुखार, उल्टी और पीलिया से पीड़ित हैं। वहीं निसार अली ने बताया कि उनकी बेटी एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित है और उसका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। नयापारा वार्ड की पार्षद पूर्णिमा गजानंद रजक ने बताया कि करीब 15 दिनों से घरों में गंदा पानी आने की शिकायत मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड में 25 से अधिक डेयरियां संचालित हैं और डेयरी संचालकों द्वारा नालियों में गोबर बहाया जाता है। नालियों में जमा गोबरयुक्त पानी पाइपलाइन में लीकेज के कारण पेयजल लाइन में मिलने की आशंका है। उनके अनुसार गंदा पानी पीने से 20 से अधिक लोग पीलिया, टायफाइड, उल्टी और बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि नालियों की सफाई कराने के बाद भी डेयरियों का गोबर बहने से अगले दिन फिर नालियां जाम हो जाती हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों की जांच और पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
शहरी स्वास्थ्य केंद्र के सुपरवाइजर मनोज वाधवानी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। लंबे समय से बुखार से पीड़ित मरीजों की मौके पर मलेरिया जांच की जा रही है। पीलिया और टायफाइड के संभावित मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र भेजकर जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वार्ड की स्थिति सामान्य है और बड़ी संख्या में पीलिया या टायफाइड के मरीज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बुखार, डायरिया, पीलिया या टायफाइड से संबंधित परेशानी होने पर वार्ड के लोग स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
गंदे पानी की शिकायत के बाद बुधवार को महापौर रामू रोहरा और जल विभाग सभापति अखिलेश सोनकर ने नयापारा व रामसागरपारा वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डवासियों से चर्चा कर पेयजल समस्या की जानकारी ली और अधिकारियों को पाइपलाइन में लीकेज की जांच व तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान लगभग 15 पेयजल कनेक्शनों को पुरानी लाइन से नई लाइन में शिफ्ट किया गया।
महापौर रोहरा ने कहा कि शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। पुरानी व जर्जर पाइपलाइनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा, ताकि पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित न हो। जल विभाग सभापति अखिलेश सोनकर ने बताया कि नयापारा और रामसागरपारा में लीकेज के कारण गोबरयुक्त पानी पेयजल पाइपलाइन में मिलने की शिकायत मिली है। विभाग की टीम लीकेज की तलाश और सुधार में जुटी है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा