सुशासन तिहार के आवेदनों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें: कलेक्टर

 




कोरबा, 12 मई (हि. स.)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज मंगलवार को समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों, मुख्यमंत्री जनदर्शन तथा सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को शिविर स्थलों पर निर्धारित समय तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और आम जनता के बीच सीधे संवाद, विश्वास और समाधान का प्रभावी माध्यम है। शासन की मंशा है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों और शिविर स्थलों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का निराकरण करे।

उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जाए तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए ताकि पात्र हितग्राही योजनाओं का लाभ ले सकें। आवेदनों की समीक्षा के दौरान कई दिनों बाद भी निराकरण नहीं होने पर कलेक्टर ने जनपद सीईओ करतला को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में विद्युत विभाग को विशेष निर्देश दिए गए कि बिजली बिल सुधार और खराब ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों का निराकरण सात दिनों के भीतर किया जाए। अन्य आवेदनों के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई। सभी एसडीएम को राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की राशि में गड़बड़ी करने वाले सरपंचों के खिलाफ वसूली प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। राशन भंडारण और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने शहरी क्षेत्रों में पार्षदों और निगम कर्मचारियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी, सरपंच, सचिव और कोटवारों के माध्यम से वितरण में तेजी लाने को कहा। तहसीलदारों को मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए प्रतिदिन 10 प्रतिशत वितरण प्रगति सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शासन स्तर पर लंबित कार्यों के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय बनाने के निर्देश दिए। निर्माण पोर्टल पर स्पष्ट फोटोग्राफ अपलोड करने और जिला खनिज न्यास संस्थान के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की आगामी तीन माह में प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने के निर्देश भी दिए गए। निर्माण एजेंसियों को मई तक तकनीकी प्राक्कलन और जून तक शत-प्रतिशत प्रशासकीय स्वीकृति पूर्ण करने को कहा गया। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और भुगतान लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री जनदर्शन के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को दो दिनों के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए गए। ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा सेतु पोर्टल की सेवाओं का लाभ समय-सीमा में उपलब्ध कराने तथा आगामी दिनों में शुरू होने वाली सीएम हेल्पलाइन के मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

ऐग्रिस्टेक पोर्टल की समीक्षा के दौरान एसडीएम को मॉनिटरिंग करने और पटवारी, वीएलई तथा आरएईओ के माध्यम से मई माह तक शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। सीसीबी नोडल और उप पंजीयक सहकारिता को राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर ऐग्रिस्टेक कार्य पूर्ण कराने को कहा गया।

बैठक में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए तहसीलदारों को अविवादित और विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, वृक्ष कटाई और किसान किताब सहित अन्य प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

जनगणना 2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए चार्ज अधिकारियों को कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होने से पहले विद्यार्थियों का बायोमैट्रिक कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में डीएफओ निशांत कुमार, प्रेमलता यादव, निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी