बैंकिंग समीक्षा में कलेक्टर के निर्देश, हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे ऋण का लाभ
बलरामपुर, 18 सितंबर (हि.स.)। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज शुक्रवार को जिलास्तरीय परामर्शदात्री एवं पुनरीक्षण समिति (डीएलसीसी/डीएलआरसी) की जून 2026 तिमाही की बैठक हुई। बैठक में जिले की बैंकिंग प्रगति, ऋण-जमा अनुपात, वार्षिक साख योजना 2026-27, किसान क्रेडिट कार्ड, मुद्रा ऋण, प्रधानमंत्री जनधन योजना, सुरक्षा बीमा और अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले का ऋण-जमा अनुपात मार्च 2026 के 40.30 प्रतिशत से बढ़कर 30 जून 2026 को 44.29 प्रतिशत हो गया है। इसी अवधि में बैंकों का कुल अग्रिम 1528.69 करोड़ रुपये से बढ़कर 1584.28 करोड़ रुपये पहुंच गया। प्राथमिक क्षेत्र में 867.34 करोड़, कृषि क्षेत्र में 588.96 करोड़ और एमएसएमई क्षेत्र में 182.71 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है।
जिले में वर्तमान में 80 बैंक शाखाएं, 49 एटीएम और 1813 बीसी आउटलेट संचालित हैं। भरतपुर, रनहत, शंकरगढ़ और कुसमी क्षेत्र में चार नई बैंक शाखाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें से कुछ शाखाओं के अक्टूबर में शुरू होने की संभावना है।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत जून तिमाही में 5766 नए कार्ड जारी किए गए। जिले में कुल 43597 केसीसी प्रचलन में हैं, जिनके माध्यम से 171.31 करोड़ रुपये की ऋण राशि जुड़ी है। पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र के हितग्राहियों को भी केसीसी का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 12419 प्रकरणों में 162.47 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत जिले में 8.71 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें 5.16 लाख से अधिक खाते महिलाओं के हैं।
कलेक्टर ने 1 नवंबर 2027 को होने वाले राज्योत्सव को लक्ष्य मानकर एक हजार हितग्राहियों को अटल पेंशन योजना से जोड़ने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कृषि मित्रों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और मितानिनों को प्राथमिकता से योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने के साथ समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।
कलेक्टर ने रामानुजगंज, सनावल और राजपुर क्षेत्र को दुग्ध उत्पादन में आगे बढ़ाने के लिए पात्र हितग्राहियों का चयन कर उन्हें ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुद्रा ऋण समेत केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं से अधिक से अधिक पात्र लोगों को जोड़ने तथा सही प्रकरणों को लंबित नहीं रखने पर जोर दिया। ऋण वसूली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बैंकों और प्रशासनिक विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की बात भी कही गई।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक मुकुंद कर्ण, नाबार्ड जिला विकास प्रबंधक प्रेम प्रकाश सिंह, लोकल बैंक ऑफिसर अविनाश टोप्पो सहित विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय एवं आंचलिक प्रमुख, शाखा प्रबंधक और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय