मौसमी और जलजनित, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें : कलेक्टर

 


रायगढ़, 06 जुलाई (हि.स.)।सोमवार को जिला कलेक्टोरेट में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आगामी मानसून को देखते हुए वर्षा पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जनजीवन प्रभावित न हो, इसके लिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का समयबद्ध एवं प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा समन्वय की कमी के कारण आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालों की साफ-सफाई, जल निकासी व्यवस्था, जलभराव वाले स्थानों की पहचान, राहत एवं शेल्टर हाउस की व्यवस्था तथा बाढ़ अथवा अन्य आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी करें तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर लें।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जलजनित एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक जीवनरक्षक एवं सामान्य दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम उपलब्ध रखने तथा आवश्यक एहतियाती तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा।

डेंगू नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना के तहत लार्वा सर्वे, फॉगिंग, साफ-सफाई एवं जनजागरूकता गतिविधियों को निरंतर संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र केवल रेफरल अस्पताल न बनें, बल्कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का स्थानीय स्तर पर ही संवेदनशीलता के साथ उपचार सुनिश्चित किया जाए।

डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिन एजेंसियों को कार्य स्वीकृत हुए हैं, वे बारिश के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेजीकरण, तकनीकी स्वीकृतियां, विभागीय अनुमतियां एवं वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पूर्ण कर लें। उन्होंने 15 अगस्त तक डीएमएफ के सभी स्वीकृत विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। बड़े विभागीय परियोजनाओं में भी यही प्रक्रिया अपनाने तथा प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभागीय अधिकारी स्वयं नियमित निरीक्षण करें तथा मैदानी अमले को सक्रिय रखते हुए कार्य एजेंसियों की सतत निगरानी करें।

बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की भी समीक्षा की गई।

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में खाद एवं बीज का लगभग 80 प्रतिशत वितरण किया जा चुका है तथा समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। कलेक्टर ने किसानों को मांग के अनुरूप समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि खेती-किसानी प्रभावित न हो। उन्होंने बकेट क्लेम, संयुक्त खाताधारी किसानों द्वारा धान विक्रय, एग्रीस्टैक में किसानों के पंजीयन एवं लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जर्जर स्कूल भवनों की जानकारी लेते हुए ऐसे भवनों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी विद्यालय में अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए। साथ ही विद्यालयों में शैक्षणिक सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी अवैध रेत खनन अथवा परिवहन की गतिविधि पाए जाने पर तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान