नशा मुक्ति अभियान में लापरवाही पर कलेक्टर कुणाल दुदावत सख्त, समाज कल्याण उप संचालक और डीईओ को कारण बताओ नोटिस के निर्देश
कोरबा, 4 अगस्त (हि. स.)। जिले में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर प्रभावी नियंत्रण और नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मंगलवार को जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक लेकर संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
बैठक में उन्होंने नशा मुक्ति अभियान को अधिक प्रभावी बनाने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा जनजागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।
अभियान के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने उप संचालक समाज कल्याण और जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने बैठक में नशे की रोकथाम, अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर नियंत्रण, तंबाकू निषेध अभियान तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित दायित्वों का गंभीरता से पालन करें और अभियान को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखें।
कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूलों तथा कॉलेजों को पूर्णतः तंबाकू मुक्त परिसर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि कोटपा अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए और स्कूलों एवं महाविद्यालयों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिले के सभी हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल और कॉलेजों में 'माय भारत युवा कार्यक्रम' के तहत लगातार 100 सप्ताह तक नशा मुक्ति अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस दौरान विद्यार्थियों के बीच रैली, शपथ, जागरूकता कार्यक्रम, संवाद, प्रतियोगिताएं और अन्य गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर ने आश्रम एवं छात्रावासों में भी नियमित रूप से नशा विरोधी कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
समाज कल्याण विभाग को विकासखंड स्तर पर व्यापक नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाने और भारत वाहिनी की इकाइयों को सक्रिय रूप से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि, नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन का रूप देना समय की आवश्यकता है और इसमें समाज की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी नशा मुक्ति केंद्र निर्धारित क्षमता के अनुरूप बेहतर ढंग से संचालित हों तथा मरीजों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराया जाए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि, नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी बनाएं और लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे से दूर रखने की दिशा में ठोस प्रयास करें।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी