281 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, अंबिकापुर में आज़ाद और त्रिपाठी की प्रतिमा का अनावरण

 


अंबिकापुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गुरुवार को सरगुजा जिले का दौरा कई मायनों में अहम रहा। लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को सम्मानित करने के साथ ही क्षेत्र के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। छत्रपति शिवाजी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में 15 उन्नत किसानों को मंच पर सम्मानित किया गया, वहीं मुख्यमंत्री ने कुल 281.95 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 51 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर सरगुजा को बड़ी सौगात दी। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सिंचाई सुविधाओं और जनसुविधाओं का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में लुण्ड्रा क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करते हुए भव्य स्टेडियम निर्माण, नया विश्राम गृह, किसानों के लिए उप कृषि मंडी की स्थापना और लुण्ड्रा से धौरपुर होते हुए सन्ना (जशपुर) तक सड़क निर्माण की मंजूरी देने की घोषणा की। इस सड़क परियोजना से सरगुजा और जशपुर जिले के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री अंबिकापुर भी पहुंचे, जहां उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के दो प्रमुख चौकों पर स्थापित शहीद चंद्रशेखर आजाद और भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय रविशंकर त्रिपाठी की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे शहर के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि लंबे समय से की जा रही मांग आज पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि रविशंकर त्रिपाठी जैसे समर्पित नेता की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा और मार्गदर्शन देगी।

मुख्यमंत्री ने त्रिपाठी के राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी के महत्वपूर्ण स्तंभ रहे और संगठन को मजबूत आधार देने में उनकी अहम भूमिका रही। वर्ष 2010 में रायगढ़ जाते समय सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया था। उनकी पुण्यतिथि पर प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पांडेय और नारायण चंदेल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे से सरगुजा क्षेत्र में विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह