प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान की स्मृति में मसीही समाज ने मनाया ईस्टर

 




धमतरी, 05 अप्रैल (हि.स.)। मसीही समाज द्वारा रविवार को पवित्र पर्व ईस्टर श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। यह पर्व यीशु मसीह के मृतकों में से तीसरे दिन पुनर्जीवित होने (पुनरुत्थान) की स्मृति में मनाया जाता है।

इस अवसर पर बस्तर रोड स्थित मेनोनाईट चर्च में विशेष आराधना सभा एवं विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने प्रभु की स्तुति, प्रार्थना और संदेशों के माध्यम से ईस्टर के महत्व को आत्मसात किया।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रभु यीशु मसीह ने समस्त मानव जाति के पापों के प्रायश्चित के लिए स्वयं को क्रूस पर बलिदान कर दिया। उनके निधन के बाद लोगों को लगा कि सब कुछ समाप्त हो गया, किंतु पूर्व कथनानुसार वे तीसरे दिन पुनः जीवित हो उठे। पुनरुत्थान के बाद उन्होंने अपने शिष्यों को 40 दिनों तक दर्शन देकर अपने जीवित होने का प्रमाण दिया।

ईस्टर का संदेश आशा, विश्वास और अनंत जीवन का प्रतीक है। प्रभु यीशु मसीह ने अपने अनुयायियों को सुसमाचार के प्रचार का आदेश देते हुए कहा कि स्वर्ग और पृथ्वी का समस्त अधिकार उन्हें प्रदान किया गया है। मसीही समाज इस दिन को पुनरुत्थान दिवस के रूप में मनाता है, जो एक नए आध्यात्मिक जीवन और विश्वास की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में रेव्ह. आशीष मिलाप, रेव्ह. शिवराज महेंद्र, रेव्ह. डी.के. मसीह, डेकॉन आर.जे. सैमॉन, डेकॉन एस.सी. क्रिस्टी, डेकॉन किरण विलियम, डेकॉन अनिल राघवा, डेकोनेस अर्चना नेताम, डेकोनेस थेलमा मेहतो, डेकोनेस शैलजा सोनवानी, डॉ. नीरज नेताम, डॉ. एस. पटोंदा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा