चिरायु टीम की पहल से रामसाय की आंखों में लौटी रोशनी, रायपुर में हुआ सफल ऑपरेशन

 


बलरामपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत समय पर पहचान और उपचार मिलने से वाड्रफनगर विकासखंड के हाई स्कूल कछिया में अध्ययनरत रामसाय की आंखों की रोशनी वापस लौट आई है। ट्रॉमेटिक मोतियाबिंद के कारण रामसाय की एक आंख से बिल्कुल दिखाई नहीं देता था।

मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चिरायु टीम की पहल पर उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन किया। अब रामसाय को स्पष्ट दिखाई देने लगा है और वह दोबारा पढ़ाई जारी रखने को लेकर उत्साहित है।

जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर की चिरायु टीम-बी स्कूलों में स्वास्थ्य परीक्षण कर रही थी। इसी दौरान हाई स्कूल कछिया में जांच के दौरान टीम ने रामसाय की आंखों की समस्या की पहचान की। टीम लीडर डॉ. धनंजय गुप्ता और अन्य सदस्यों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उपचार की प्रक्रिया शुरू की।

इसके बाद बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से रामसाय को बेहतर उपचार के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल भेजने की व्यवस्था की। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ट्रॉमेटिक मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया। सफल उपचार के बाद अब उसकी आंखों की रोशनी लौट आई है।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने चिरायु टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकारों, बीमारियों और विकास संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जरूरतमंद बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। चिरायु टीमों के माध्यम से स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य परीक्षण को और प्रभावी बनाया जाएगा।

रामसाय के परिजनों ने निःशुल्क उपचार और समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिरायु टीम के प्रति आभार जताया है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय