बलरामपुर : प्रशासन की तत्परता से नाबालिग का बाल विवाह रुका
बलरामपुर, 22 जून (हि.स.)। बलरामपुर जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत कोरंधा में प्रशासन की सजगता और त्वरित कार्रवाई से एक नाबालिग बालिका का विवाह रुकवाया गया, जिससे उसके भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कोरंधा में एक नाबालिग बालिका का विवाह तय किया गया था। इसकी सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन बलरामपुर तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। जांच के दौरान बालक एवं बालिका दोनों की आयु विवाह के लिए निर्धारित कानूनी उम्र से कम पाई गई।
टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। अधिकारियों ने कम उम्र में विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में भी विस्तार से बताया। साथ ही अल्पायु में मातृत्व से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी देकर बालिकाओं की शिक्षा और बेहतर भविष्य के महत्व पर जोर दिया।
समझाइश के बाद परिजनों ने बच्चों का विवाह निर्धारित कानूनी आयु पूरी होने के बाद ही करने की सहमति जताई। इस दौरान ग्रामीणों से भी अपील की गई कि वे अपने आसपास बाल विवाह जैसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल प्रशासन अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन ने बताया कि बाल विवाह उन्मूलन के लिए जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम सभाओं एवं विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के प्रयास जारी हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय