प्लॉट या भवन खरीदने से पहले करें जांच, कालोनाइजर का पंजीयन और विकास अनुमति जरूरी
सूरजपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। सूरजपुर जिले के नगरीय क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों के निर्माण और नियम विरुद्ध भवन निर्माण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। आज मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि कॉलोनी विकसित करने और भवन अथवा अपार्टमेंट का निर्माण कर उसे बेचने या हस्तांतरित करने के लिए संबंधित व्यक्ति का नियमानुसार पंजीयन होना जरूरी है। नागरिकों से भी प्लॉट या भवन खरीदने से पहले जरूरी दस्तावेजों की जांच करने की अपील की गई है।
छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 और छत्तीसगढ़ नगरपालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम, 1998 के तहत नगरीय निकाय क्षेत्र में भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर कॉलोनी विकसित करने वाले व्यक्ति को कालोनाइजर के रूप में पंजीयन कराना अनिवार्य है। इसी तरह भवन या अपार्टमेंट का निर्माण कर उसे बेचने अथवा हस्तांतरित करने वाले भवन निर्माता के लिए भी पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त करना आवश्यक है।
प्रावधानों के अनुसार अवैध व्यपवर्तन या अवैध कॉलोनी निर्माण के मामले में धारा 339-ग के तहत तीन से सात वर्ष तक के कारावास और कम से कम एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा न्यायालय द्वारा प्रतिकर राशि का भुगतान करने का आदेश भी दिया जा सकता है। नियमों के अनुसार कालोनाइजर का पंजीयन प्रमाण-पत्र पांच वर्ष के लिए वैध होता है। प्रत्येक कॉलोनी के विकास कार्य और भूखंडों की बिक्री के लिए सक्षम प्राधिकारी से अलग से विकास अनुमति लेना आवश्यक है।
आवासीय कॉलोनियों में कुल भूमि का 15 प्रतिशत हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित रखना जरूरी है। इसके साथ निर्धारित भूखंडों को कॉलोनी का विकास कार्य पूरा होने तक नगरपालिका के पास बंधक रखना भी अनिवार्य है।
जिला प्रशासन ने कालोनाइजर और भवन निर्माताओं से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। वहीं नागरिकों को भूखंड या भवन खरीदने से पहले संबंधित नगरीय निकाय में जाकर जरूरी जानकारी की जांच करने की सलाह दी गई है।
खरीदारी से पहले कालोनाइजर का पंजीयन प्रमाण-पत्र, कॉलोनी की विकास अनुमति, स्वीकृत ले-आउट और संबंधित भूखंड की बंधक स्थिति की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय