सेवा संकल्प अभियान:चटौद स्वास्थ्य केंद्र को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन

 


धमतरी, 10 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। विकासखंड धमतरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चटौद ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के मूल्यांकन में 91.49 प्रतिशत अंक प्राप्त कर लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है।

वहीं, कोर्रा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर ने 96.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले को एक और उपलब्धि दिलाई है। दोनों स्वास्थ्य संस्थानों की सफलता से जिले में मरीजों को सुरक्षित, सुलभ, सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र के 7 अक्टूबर 2026 के पत्र के अनुसार, कोर्रा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बाहरी मूल्यांकन 3 और 4 जुलाई 2026 को किया गया था। मूल्यांकन में केंद्र ने 96.33 प्रतिशत अंक हासिल कर गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ के पांच सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों के मूल्यांकन परिणामों में कोर्रा पीएचसी का स्कोर सर्वाधिक रहा। लगातार तीसरी बार प्रमाणन प्राप्त करना चटौद स्वास्थ्य केंद्र की नियमित गुणवत्ता सुधार प्रक्रिया, टीम भावना और मरीजों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य टीम को दी बधाई

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चटौद और कोर्रा की इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करना जिले के लिए गौरव का विषय है। चटौद स्वास्थ्य केंद्र का लगातार तीसरी बार 91.49 प्रतिशत अंक के साथ प्रमाणन हासिल करना स्वास्थ्य टीम की मेहनत, अनुशासन, समन्वय और सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों की सफलता केवल प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार, आवश्यक जांच, दवाइयां, स्वच्छ वातावरण और सम्मानजनक व्यवहार उपलब्ध कराना इसका वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने और जिले की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में भी राष्ट्रीय मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय मानकों पर परखी गईं स्वास्थ्य सेवाएं

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत स्वास्थ्य संस्थानों का मूल्यांकन मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, दवाइयों की उपलब्धता, प्रयोगशाला जांच, अभिलेखों के संधारण, संस्थागत प्रबंधन, उपचार प्रक्रिया और मरीजों के प्रति स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार सहित विभिन्न पहलुओं के आधार पर किया जाता है। चटौद स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाओं को व्यवस्थित करने, प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने और कमियों को दूर करने के लिए समन्वित प्रयास किए। जिला एवं राज्य स्तरीय गुणवत्ता टीमों के तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, पूर्व मूल्यांकन और नियमित निगरानी से तैयारियों को बेहतर बनाने में सहयोग मिला।

टीमवर्क और समर्पण से मिली सफलता

इस उपलब्धि में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय साहू सहित स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकीय एवं गैर-चिकित्सकीय कर्मचारियों, नर्सिंग अधिकारियों, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और अन्य सहयोगी कर्मचारियों का योगदान रहा। सेक्टर मरौद के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारियों (आरएचओ) के साथ ग्राम पंचायत चटौद के सरपंच खेमचंद साहू का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमराज देवांगन और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर रोहित पाण्डेय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में टीम ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया।

प्रमाणन के साथ बढ़ी जिम्मेदारी

चटौद स्वास्थ्य केंद्र को लगातार तीसरी बार मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि है। वहीं, कोर्रा स्वास्थ्य केंद्र के उत्कृष्ट मूल्यांकन ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार के प्रयासों को मजबूती दी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इन उपलब्धियों से स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों का भरोसा मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा