खेती का तरीका बदला तो बढ़ा उत्पादन और मुनाफा, राज कुमार साहू ने बरबटी और खीरा की खेती से कमाया लाखाें का लाभ

 


रायगढ़ 06 सितंबर (हि.स.)। कभी पारंपरिक तरीके से खेती कर सीमित लाभ प्राप्त करने वाले किसान राज कुमार साहू ने खेती में बदलाव और आधुनिक तकनीक अपनाकर बरबटी एवं खीरा की खेती से बेहतर उत्पादन प्राप्त किया। इससे उन्होंने 2.70 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक बन रही है।

खरसिया विकासखंड के ग्राम बाम्हनपाली निवासी किसान राज कुमार साहू के पास 0.800 हेक्टेयर सिंचित भूमि है। पहले वे पारंपरिक तरीके से खेती करते थे, जिससे उन्हें लगभग 60 से 80 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता था। इससे करीब 2.48 लाख रुपये की बिक्री होती थी और लगभग 78 हजार रुपये का लाभ प्राप्त होता था। खेती में नई तकनीक और बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने के बाद उनका उत्पादन बढ़कर 100 से 120 क्विंटल तक पहुंच गया। इससे उन्हें 3.60 लाख रुपये की बिक्री प्राप्त हुई, जबकि उत्पादन में 90 हजार रुपये की लागत आई। लागत राशि घटाने के बाद उन्हें 2.70 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस तरह उनकी आय और लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

राज कुमार साहू ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में फसल प्रबंधन किया तथा जैविक खाद एवं अनुशंसित दवाओं का उपयोग किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत उन्हें 20 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ। विभागीय मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक के उपयोग से उन्हें बेहतर उत्पादन के साथ अधिक लाभ प्राप्त करने में सफलता मिली। उद्यानिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि राज कुमार साहू की सफलता यह संदेश देती है कि पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण, बेहतर फसल प्रबंधन और आधुनिक तकनीक को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी उद्यानिकी फसलों की खेती के प्रति प्रोत्साहित हो रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान