एमसीबी : साय सरकार के फैसले से एमिनेंट विमेन सशक्तिकरण को मिली नई उड़ान

 


मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐसा क्रांतिकारी कदम उठाया है, जिसकी गूँज अब ज़मीनी स्तर पर सुनाई देने लगी है। राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा महिला खरीदारों के लिए भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की कटौती के फैसले से प्रदेश भर में उत्साह का माहौल है।

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की निवासी जयंती शुक्ला जैसी हज़ारों महिलाओं के लिए यह निर्णय केवल एक वित्तीय छूट नहीं, बल्कि समाज में अपनी स्वतंत्र पहचान और संपत्ति पर मालिकाना हक सुनिश्चित करने का एक सुनहरा अवसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जयंती शुक्ला ने कहा कि यह कदम महिलाओं को 'होममेकर' से 'होम ओनर' बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का विज़न स्पष्ट है कि जब घर की महिला के नाम पर संपत्ति होगी, तो न केवल परिवार की सामाजिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

हालांकि, इस लोक-कल्याणकारी निर्णय से राजकोष पर लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार पड़ेगा, लेकिन सरकार ने राजस्व घाटे के बजाय महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देकर अपनी दूरगामी सोच का परिचय दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रियायत अचल संपत्ति के बाज़ार में महिलाओं की भागीदारी को कई गुना बढ़ा देगी, जिससे आने वाले समय में एक आर्थिक रूप से समृद्ध और लैंगिक समानता वाले समाज की नींव मज़बूत होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह