छग : विधानसभा में आज कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी

 


रायपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। यह राज्य गठन के बाद विधानसभा में लाया जाने वाला 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। विपक्ष का नेतृत्व कर रहे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा है कि वर्तमान भाजपा सरकार के प्रति जनता और विपक्ष का भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है।

इसके साथ ही प्रश्नकाल में जल जीवन मिशन, रायपुर की पेयजल व्यवस्था, औद्योगिक दुर्घटनाएं, शराब दुकानें, सरकारी आयोजनों में खर्च और प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद जैसे कई मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।ीास्के अतिरिक्त नवा रायपुर के नकटी गांव में गरीबों के मकानों पर की गई बुलडोजर कार्रवाई पर कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव भी लाएगी। राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराधों को लेकर सवाल पूछे जाएंगे। प्रदेश में गहराते बिजली संकट और बढ़ी हुई बिजली दरों का मुद्दा प्रमुखता से उठेगा। उर्वरक-बीज की किल्लत और सरसों खरीद समय से पहले बंद होने से किसानों को हुए नुकसान पर चर्चा होगी।कोयला खनन के लिए हसदेव अरण्य क्षेत्र में हो रही वनों की कटाई का विरोध किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में अविश्वास प्रस्ताव का फैसला लिया गया था। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने 14 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव लाने की जानकारी दी थी।

विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 35 सदस्य हैं। एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के हैं। संख्या बल भाजपा के पक्ष में है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अब तक 9 बार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। हर बार सरकार बहुमत साबित करने में सफल रही है। पहली विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ 2002 और 2003 में भाजपा ने दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाया था। इसके बाद डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ 2007, 2011, 2015, 2017 और 2018 में कुल पांच बार कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। वहीं, भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ 2022 और 2023 में भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। इन सभी प्रस्तावों पर लंबी बहस हुई, लेकिन कोई भी पारित नहीं हो सका।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा