छग विधानसभा : पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार चावल उपलब्ध कराया जा रहा : खाद्य मंत्री दयालदास
रायपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आखिरी दिन शुक्रवार को सदन में मुफ्त राशन योजना को लेकर विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
विपक्ष ने अतिरिक्त अंत्योदय राशन कार्डों से राज्य पर पड़ रहे हजारों करोड़ रुपये के बोझ का मुद्दा उठाया, जबकि सरकार ने पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न सुरक्षा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन को बताया कि वर्तमान में राज्य में 57.25 लाख केंद्र सरकार और 25.75 लाख राज्य सरकार के राशन कार्ड प्रचलन में हैं। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारों की योजनाओं के अलग-अलग मापदंड हैं और पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार निराश्रित और निशक्तजनों को 10-10 किलो चावल उपलब्ध कराती है। वहीं बीपीएल परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत 10-10 किलो चावल का लाभ मिलता है।
चर्चा के दौरान विधायक शेषराज हरबंस ने अतिरिक्त अंत्योदय राशन कार्डों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे राज्य सरकार पर 1300 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय भार पड़ रहा है। उन्होंने इस विषय पर सरकार का स्पष्ट रुख जानना चाहा। इस पर खाद्य मंत्री ने कहा कि अंत्योदय राशन कार्डधारियों को केंद्र और राज्य सरकार दोनों की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि पात्र परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सदन में विधायक हरबंस ने अंत्योदय कार्डधारियों को 7 किलो अतिरिक्त चावल देने की मांग भी रखी। हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई नई घोषणा नहीं की गई। मंत्री ने कहा कि सरकार पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल