छत्तीसगढ़ की जेलों में पिछले पांच वर्षों के दौरान कुल 375 कैदियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
रायपुर, 15 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की जेलों में पिछले पांच वर्षों के दौरान कुल 375 कैदियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है, जिसके आंकड़े आज विधानसभा में पेश किए गए हैं। गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्वीकार किया है कि अब तक 62 मामलों में जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी है। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं और कैदियों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल द्वारा पूछे गए एक लिखित प्रश्न के जवाब में गृह मंत्री ने 1 जनवरी 2021 से 25 जून 2026 तक का विवरण सदन में रखा। आंकड़ों के अनुसार, इन वर्षों में कुल 375 कैदियों ने जेल के भीतर दम तोड़ा है। इनमें से 373 मामलों में दंडाधिकारी या न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे। राहत की बात यह है कि 2021 और 2023 के सभी मामलों की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन हालिया वर्षों के आंकड़े चिंताजनक हैं।
विशेष रूप से वर्ष 2022 में सबसे अधिक 90 कैदियों की मौत दर्ज की गई थी। इसके अलावा, 2026 में अब तक 35 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें से केवल 3 मामलों की जांच पूरी हो पाई है और 32 रिपोर्ट अभी भी लंबित हैं। वहीं, 2025 में हुई 55 मौतों में से 27 मामलों की जांच प्रक्रिया अभी भी अधूरी है। विपक्ष ने Detailsइन लंबित रिपोर्टों को जल्द सार्वजनिक करने और जेलों में चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
इस गंभीर मुद्दे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी कड़ा संज्ञान लिया है और राज्य के मुख्य सचिव तथा जेल महानिदेशक को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा