छत्तीसगढ़ के 31 जिला शिक्षाधिकारियों को सरकार का नोटिस
रायपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में जर्जर और मरम्मत योग्य स्कूल भवनों की जानकारी समय पर नहीं भेजने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने 31 जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
संचालनालय ने इसे शासकीय कार्यों के प्रति घोर उदासीनता माना है और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत अधिकारियों का अक्टूबर (त्योहारी महीना) का वेतन रोकने का प्रस्ताव रखा है।छत्तीसगढ़ के 31 जिला शिक्षा अधिकारियों को यह कारण बताओ नोटिस 29 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।
लोक शिक्षण संचालनालय विभाग ने इन अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि 3 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके अक्टूबर महीने का वेतन (सैलरी) रोकने की कार्रवाई की जाएगी।प्रदेश के केवल दो जिलों, बलौदाबाजार और बलरामपुर, ने तय समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा कर दी थी, इसलिए उनके जिला शिक्षा अधिकारियों को यह नोटिस नहीं दिया गया है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को सभी संबंधित अधिकारियों से स्कूल भवनों की स्थिति की जानकारी मांगी थी। इसके लिए एक सप्ताह की समय-सीमा तय की गई थी। रिपोर्ट में भवन विहीन स्कूलों और मरम्मत योग्य स्कूल भवनों की जानकारी उपलब्ध करानी थी। समय बीतने के बाद भी 31 जिलों से जानकारी नहीं भेजी गई। इसे लेकर डीपीआई ने नाराजगी जताई और संबंधित जिलों के शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा