छग विधानसभा : राज्यपाल के 49 मिनट के अभिभाषण में किसान, मातृशक्ति और सुरक्षा पर फोकस
-राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ की 6वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को किया संबोधित, गिनाई उपलब्धियां
रायपुर 23 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज साेमवार 23 फरवरी से शुरू हो गया है। यह नए विधानसा भवन में पहला बजट सत्र है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई।
49 मिनट के संबोधन में राज्यपाल डेका ने साय सरकार के साथ मोदी सरकार की छत्तीसगढ़ में चल रही योजनाओं का प्रशंसा किया। उन्होंने राज्य स्थापना दिवस और रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल डेका ने सदन में बताया कि सरगुजा में कर्क रेखा गुजरने वाले स्थान पर शोध शाला स्थापित करने की बात कही। इस पूरे संबोधन के दौरान विपक्ष की ओर से कोई टीका टिप्पणी नहीं हुई। डेका ने बिना रोक टोक के भाषण पूरा किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है और इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जो राज्य के इतिहास में महत्वपूर्ण पड़ाव है। सरकार अंत्योदय और सामाजिक कल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूती किसानों की समृद्धि से जुड़ी है। सरकार आधुनिक तकनीक के उपयोग से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और बाजार तक सुगम पहुंच उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 532 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया गया है। इसे आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
राज्यपाल ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना‘ के अंतर्गत फरवरी 2026 में राज्यभर में एक साथ 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। इनमें से 1,316 जोड़े रायपुर में विवाह बंधन में बंधे। यह भव्य आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इस आयोजन की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के 6 जोड़ों का विवाह भी इसी योजना के तहत कराया गया, जो विश्वास, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव का सशक्त संदेश है।
राज्यपाल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में मेरी सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल स्थान पर है। अब तक प्रदेश में 4 लाख 83 हजार 222 व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, 48 हजार 251 सामुदायिक वनाधिकार पत्र तथा 4 हजार 396 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी किए गए हैं। पिछले दो साल में 4659 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 97 सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा 89 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र इस प्रकार कुल 4,845 वन अधिकार पत्र वितरित किये गये हैं। मेरी सरकार द्वारा संवेदनशील निर्णय लेते हुए व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र धारकों की मृत्यु होने पर इनके वारिसों के नाम वनाधिकार पत्र का नामांतरण एवं अन्य प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल