छत्तीसगढ सरकार ने बीते दो वर्षों में शिक्षा विभाग का व्यापक कायाकल्प किया है : डॉ. विजयशंकर मिश्रा
453 शिक्षक-विहीन स्कूलों में पहुँचे शिक्षक, एकल-शिक्षक स्कूलों की समस्या का हुआ अंत
रायपुर 31 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा है कि राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दिशा-निर्देशों में राज्य सरकार ने बीते दो वर्षों में शिक्षा विभाग का व्यापक कायाकल्प किया है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि वर्षों पुरानी अव्यवस्थाओं, दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी और शिक्षक-विहीन शालाओं जैसी चुनौतियों का अंत करते हुए सरकार ने तकनीक और न्यायसंगत फैसलों के जरिए हर वर्ग को सीधी राहत पहुँचाई है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने आज शुक्रवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में प्रदेश की भाजपा सरकार के सुशासन संकल्प और प्रशासनिक सुधार की प्रमुख उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि डिजिटल गवर्नेंस से पारदर्शिता और अनुशासन का भाव बढ़ा है। वीएसके मोबाइल ऐप (डिजिटल उपस्थिति) के तहत प्रदेश के 1,77,126 शिक्षक अब प्रतिदिन ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं, जिससे शालाओं में प्रशासनिक अनुशासन और समयबद्धता सुदृढ़ हुई है। सिंगल पोर्टल व्यवस्था के ज़रिए छुट्टियों और सेवा संबंधी 30,19,439 आवेदनों का पारदर्शी ऑनलाइन निस्तारण किया गया, जिससे कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिली है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया की पुरानी मैनुअल व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया। पूरी निष्पक्षता से 1,335 टी-संवर्ग तथा 1,478 ई-संवर्ग के योग्य शिक्षकों को पदोन्नत कर प्राचार्य बनाया गया। इसके अलावा प्रधान पाठक व अन्य श्रेणियों के लगभग 7,000 पदों पर पारदर्शी तरीके से पदोन्नति दी गई।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार की तीसरी उपलब्धि वर्षों पुराने विवादों का संवेदनशील समाधान है। पुरानी व्यवस्था की कमियों और तकनीकी अड़चनों को दूर करते हुए सरकार ने 2,621 बी-एड धारक सहायक शिक्षकों को 'विज्ञान प्रयोगशाला' में सफलतापूर्वक समायोजित कर उनके हितों को सुरक्षित किया। इसी तरह ऐतिहासिक युक्ति-युक्तकरण से हर स्कूल में पर्याप्त शिक्षक हैं। पूर्व में प्रदेश की 453 शालाएँ पूरी तरह शिक्षक-विहीन थीं और 5,936 शालाएँ सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रही थीं। अब पारदर्शी युक्ति-युक्तकरण के तहत 15,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का न्यायसंगत समायोजन किया गया। इसकी परिणाम यह हुआ है कि आज प्रदेश की सभी 453 शिक्षक-विहीन शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना हो चुकी है और एकल-शिक्षक स्कूलों की समस्या का भी स्थायी समाधान हो गया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से जोड़ा गया है, जिसके तहत 1,95,818 शिक्षक व कर्मचारी पंजीकृत होकर डिजिटल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर एवं समावेशी शिक्षा और दिव्यांगजनों को प्रोत्साहन देते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 848 विशेष पदों को स्वीकृति दी गई है। इसी तरह शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा युवाओं को रोजगार देने हेतु 5,000 नए शिक्षकों की सीधी भर्ती की अनुमति दी गई है, जिसकी सम्भावित परीक्षा अक्टूबर-नवम्बर 2026 में आयोजित की जाएगी। डॉ. मिश्रा ने कहा कि मुफ्त पाठ्यपुस्तक योजना के तहत हर छात्र तक ज्ञान का प्रकाश पहुँचाया जा रहा है। सत्र 2024-25 में 144.55 करोड़ रुपये के प्रावधान से 52.00 लाख से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हुए। इसी प्रकार सत्र 2025-26 में 144.59 करोड़ रुपये के बजट से 45.35 लाख से अधिक छात्रों को समय पर निशुल्क पाठ्यपुस्तकें प्रदान की जा रही हैं। डॉ. मिश्रा ने मुफ्त गणवेश योजना के जरिए विद्यार्थियों में समानता और स्वाभिमान का भाव जागृत करते हुए पहली से आठवीं तक के सभी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नि:शुल्क यूनिफॉर्म दी जा रही है। सत्र 2024-25 में 65 करोड़ रुपये के बजट से 30.84 लाख से अधिक बच्चे लाभान्वित हुए। सत्र 2025-26 में भी 65 करोड़ रुपए का प्रावधान कर 28.63 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ पहुँचाया जा रहा है।
पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल एवं प्रदेश मीडिया सह संयोजक राहुल राय उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल