उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ
-भोरमदेव जंगल सफारी: घने जंगलों के बीच रोमांच का नया सफर
कबीरधाम 03 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रकृति और रोमांच के संगम के रूप में विकसित भोरमदेव जंगल सफारी का आज रविवार काे शुभारंभ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद संतोष पाण्डेय ने फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण किया।
लगभग 36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों, ऊँची पहाड़ियों और समृद्ध जैव विविधता के बीच पर्यटकों को न केवल रोमांचक अनुभव देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक सौंदर्य के बीच इको-टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान भी मिलेगी। करीब 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी रूट तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे।
शुभारंभ कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा नेचर गाइड को जिप्सी की चाबी एवं टेंट कैंपिंग सामग्री प्रदान की गई तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बर्तन किट वितरण किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा दूरदूरी जलप्रपात तक सफारी भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, पूर्व संसदीय सचिव सियाराम साहू सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी घने जंगलों के बीच विकसित एक रोमांचक और अद्वितीय पर्यटन स्थल है, जहाँ पर्यटक प्राकृतिक परिवेश में खुले वातावरण में वन्यजीवों को नजदीक से देख सकेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र के मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से, स्थानीय युवक-युवतियाँ पर्यटकों के लिए गाइड के रूप में कार्य कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल, जल और पहाड़ सदैव से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं और यही किसी भी क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर भोरमदेव क्षेत्र, प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, जहाँ के घने जंगल, पर्वत और सुरम्य दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी का निर्माण अत्यंत आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से किया गया है, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच एक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित किया जा रहा है और आने वाले समय में इसे और अधिक भव्य एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कबीरधाम जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र में भोरमदेव जंगल सफारी की शुरुआत पर्यटन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भगवान भोरमदेव, जिन्हें पशुपति के रूप में भी जाना जाता है, उनकी पावन भूमि पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है।
डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया की इस सफारी का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य से जोड़ना है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देना है।
भोरमदेव जंगल सफारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का सशक्त माध्यम है। इस पहल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है, साथ ही स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा विकसित यह परियोजना छत्तीसगढ़ को इको-टूरिज
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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल