छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता सहित लिए गए कई बड़े फैसले

 


रायपुर 15 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक में समान नागरिक संहिता के प्रारूप तैयार करने से लेकर महिलाओं, सैनिकों, उद्योग और खनन क्षेत्र से जुड़े बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट बैठक में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी है। यह समिति नागरिकों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर प्रारूप तैयार करेगी। इसके लिए वेब पोर्टल के माध्यम से भी फीडबैक लिया जाएगा।

संपत्ति रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी का निर्णय

बैठक में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी का निर्णय लिया गया है। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी, हालांकि इससे राज्य को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा।

इसके साथ ही राज्य के सेवारत, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट जीवनकाल में एक बार लागू होगी।

औद्योगिक नियमों में संशोधन

औद्योगिक विकास को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे निवेश और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियंत्रण बढ़ाने के लिए गौण खनिज नियमों में भी व्यापक संशोधन किए गए हैं।

रेत खदानों को अब सरकारी उपक्रमों को आरक्षित किया जा सकेगा, जिससे आपूर्ति में सुधार होगा और एकाधिकार की स्थिति कम होगी। दुर्गम क्षेत्रों में रेत की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में गौण खनिज नियमों में संशोधन कर अवैध खनन पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है। बंद खदानों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

दुधारू पशु योजना में सभी वर्गों को शामिल करने का निर्णय

इसके अलावा दुधारू पशु योजना में सभी वर्गों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, पशुओं के टीकाकरण के लिए इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड से सीधे टीकों की खरीदी को मंजूरी दी गई है, जिससे पशुधन की सुरक्षा और उत्पादन में वृद्धि होगी।

वित्तीय मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच पेंशन दायित्वों के बंटवारे को लेकर 10,536 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान की वापसी पर सहमति बनी है। इसमें से 2,000 करोड़ रुपये मिल चुके हैं, जबकि शेष राशि छह वार्षिक किश्तों में प्राप्त होगी।

बैठक में आगामी खरीफ सीजन हेतु उर्वरकों की उपलब्धता तथा राज्य में एलपीजी गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल