भाजपा का आरोप कांग्रेस देश के संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने पर आमादा

 


जगदलपुर, 29 सितंबर (हि.स.)। भाजपा जिला कार्यालय मेंआज मंगलवार काे आयाेजित प्रेस वार्ता में भाजपा के महापौर संजय पाण्डेय ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुये कहा है कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इण्डी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश हाे गया है, भ्रम और मनगढ़ंत कहानियों की राजनीति पूरी तरह ध्वस्त हाे गई है।

उन्हाेने कहा कि लगभग सौ बार चुनाव हार चुकी कांग्रेस और उनके नेता राहुल गांधी अब बौखलाहट में लगातार देश द्रोही आचरण पर आमदा हो गये हैं। कांग्रेस अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिये चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और देश की तमाम संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने, लगातार झूठ और फरेब के राजनीति कर देश को बदनाम करने में जुटी हुई है।

महापौर श्री पाण्डेय ने कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त द्वय की संयुक्त बयान से यह साबित हो गया है कि आयोग में मतभेद संबंधी कांग्रेस के तमाम दावे न केवल खोखले हैं, बल्कि जान-बूझ कर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है। केंद्रीय चुनाव आयोग के संयुक्त प्रेस नोट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। यह फिर से साबित हो गया है कि कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ झूठ, सनसनी और भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उसका झूठ फिर से बेनकाब हो गया है। श्री पाण्डेय ने कहा कि अपने संयुक्त बयान में आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर समेत सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गये। भारत के चुनाव आयोग की दुनियाभर में साख है। उसकी निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा का प्रतीक है।

श्री पाण्डेय ने कहा कि इस संबंध में अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट भी कोरी कल्पना के अलावा कुछ नहीं है। समाचार में कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे जिस पत्र का जिक्र है, वह न तो किसी नीतिगत विषय से संबंधित है, न ही एसआईआर से संबंधित। वह सामान्य प्रशासकीय विषय था। यहां अफसोस की बात है कि जिन विषयों को सुप्रीम कोर्ट तक सही ठहरा चुका है, उसके खिलाफ भी कांग्रेस झूठ फैला रही है। फॉर्म-6 के घोषणापत्र समेत अनेक विषयों पर सर्वोच्च न्यायालय से पहले ही पक्ष में निर्णय आ चुका है, फिर भी कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की नाकाम कोशिश करती रहती है।

श्री पाण्डेय ने कहा कि देश की जनता भली-भांति जानती है कि जितने भी राज्यों में चुनाव संपन्न हुए हैं, वे पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से संपन्न हुए हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जब चुनाव हारते हैं, तो कभी ईवीएम पर, कभी संवैधानिक संस्थाओं पर तो कभी चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाते हैं। कांग्रेस नेतृत्व को देश और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस के ऐसे कृत्यों की जितनी भी निंदा की जाय वह कम है। इससे पहले ईवीएम पर सवाल उठाते थे। उसे ‘ब्लैक बॉक्स’ कहते थे लेकिन उसी ईवीएम से जीत कर राहुल गांधी स्वयं भी सांसद हैं। और अनेक राज्यों में कांग्रेस की न केवल सरकार है बल्कि 600 से अधिक विधायक और 99 लोकसभा सदस्य हैं, जो इसी चुनाव प्रक्रिया और इसी ईवीएम से चुन कर आए हैं।

श्री पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस को 2018 में इकतरफा और ऐतिहासिक बहुमत मिला था। वह इसी चुनाव प्रक्रिया द्वारा ईवीएम से ही मिला था। वह तब तीनों राज्य जीत गई थी। अभी भी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 35 विधायक हैं। क्या वे सभी यह मानते हैं कि गलत प्रक्रिया से चुनकर आए हैं? श्री पाण्डेय ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता काफ़ी समझदार है। कांग्रेस की ऐसी हरकतों की वजह से उसका रहा-सहा जनाधार भी समाप्त हो जायेगा।

इस दौरान पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय, जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही,परीसराम बेसरा, जिला उपाध्यक्ष आर्येंद्र सिंह आर्य, सफीरा साहू, निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, योगेन्द्र पाण्डेय, पश्चिम नगर मण्डल अध्यक्ष प्रकाश झा, पूर्वी नगर मण्डल अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे