मूसलाधार बारिश से छत्तीसगढ़ का बिलासपुर शहर जलमग्न,40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
बिलासपुर/रायपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक हुई मूसलाधार बारिश से बिलासपुर जलमग्न हो गया है। शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शहर के निचले इलाकों, मुख्य सड़कों और कॉलोनियों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है और आपातकालीन रेस्क्यू अभियान चलाए जा रहे हैं।
मौसम विभाग ने बताया है कि बिलासपुर जिले में 24 घंटे के दौरान औसतन 74.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें सीपत में सर्वाधिक 110.2 मिमी और बिलासपुर तहसील में 90 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।कलेक्टर बंगले, सरकंडा और बंधवापारा सहित कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। एसडीआरएफ की टीम ने नाव के जरिए रेस्क्यू कर 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। बिलासपुर-मस्तूरी मार्ग पर 4 से 5 फीट तक पानी भरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। वहीं रेलवे यार्ड और पटरियों के डूबने से 5 मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 3 का रूट बदल दिया गया है। मौसम विभाग के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
जिला प्रशासन के अधिकारीयों ने बताया है कि सरकंडा और चांटीडीह के निचले इलाकों में पानी तेजी से भरने के कारण 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में दो नावों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं, दोमुहानी इलाके में 10 से अधिक घर चारों ओर से पानी से घिर गए, जिससे कई परिवार पूरी रात अपने घरों में फंसे रहे। प्रशासन को सूचना मिलने के बाद राहत दल मौके पर पहुंचा और लोगों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की गई।
शहर के कई हिस्सों में ट्रांसफॉर्मर पानी में डूब जाने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है । कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग की टीमें हालात सामान्य करने में जुटी हुई हैं। बिलासपुर कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया, जिसके बाद नगर निगम की टीम को जल निकासी के लिए लगाया गया।
बिलासपुर-जांजगीर नेशनल हाईवे पर दर्रीघाट के पास बारिश का पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हो गया। मूसलाधार बारिश के बीच वाहनों की लंबी कतार लग गई। अपोलो हॉस्पिटल के पास भी जलभराव के कारण लोग घंटों तक फंसे रहे। काफी मशक्कत के बाद लोग सुरक्षित बाहर निकल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा