केन्द्रीय दल ने किया भ्रमण, चना फसल प्रदर्शन व बीज उत्पादन का लिया जायजा

 


धमतरी,17 मार्च (हि.स.)।आत्मनिर्भरता दलहन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत बीज उत्पादन प्लाट (फाउंडेशन एवं सर्टिफाइड बीज उत्पादन) तथा फसल प्रदर्शन घटकों के निरीक्षण के लिए केन्द्रीय दल द्वारा धमतरी जिले का भ्रमण किया गया। इस दौरान दल ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर चना फसल के क्लस्टर प्रदर्शन, बीज उत्पादन कार्यक्रम और फसल कटाई प्रयोग का अवलोकन किया।

धमतरी जिला प्रशासन द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार भ्रमण की शुरुआत विकासखंड कुरूद के ग्राम मौरीखुर्द से हुई, जहां 50 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए गए चना के क्लस्टर प्रदर्शन का निरीक्षण किया गया। केन्द्रीय टीम ने किसानों के साथ चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई गई सामग्री, बुआई की तकनीक और फसल प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई।

अवलोकन दल ने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा संधारित दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद दल ने ग्राम भरदा में चना फसल के बीज उत्पादन कार्यक्रम का अवलोकन किया। यहां किसान लेखराज चन्द्राकर एवं बीज प्रबंधक आरए दोहरे ने बीज उत्पादन की प्रक्रिया और प्रबंधन से संबंधित जानकारी दी। विकासखंड धमतरी के ग्राम बोडरा में 60 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाई गई चना की किस्म पद्धति से फसल कटाई प्रयोग कराया गया। साथ ही तुलनात्मक उत्पादन का आंकलन करने के लिए कंट्रोल प्लाट में भी प्रयोग किया गया।

भ्रमण के दौरान उप संचालक कृषि के माध्यम से केन्द्रीय दल ने कलेक्टर धमतरी से भेंट कर जिले में दलहन फसलों के विस्तार पर चर्चा की। इस दौरान उड़द और मूंग फसल के प्रदर्शन कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की गई। जिले में फसल चक्र को बढ़ावा देने के लिए आयोजित फसल प्रदर्शनों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

जानकारी के अनुसार विगत तीन वर्षों में जिले में दलहन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में चना का क्षेत्र 6675 हेक्टेयर था, जो बढ़कर 2025-26 में 18210 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। केन्द्रीय दल ने जिले में दलहन फसलों के विस्तार और किसानों की भागीदारी को सराहनीय बताते हुए भविष्य में भी इस दिशा में प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा