बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का आत्मीय उल्लास, विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी
रायपुर 28 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री निवास में आज शुक्रवार काे रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता, स्नेह और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि बहनों का यह स्नेह उनके लिए अनमोल है और उनका आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पावन पर्व है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखद और मंगलमय जीवन की कामना करती है, वहीं भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे लिए यह बड़े सौभाग्य का दिन है कि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से आप सभी बहनें रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाने मुख्यमंत्री निवास आई हैं। आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद मुझे प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”
कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री साय को राखी बांधी। इस आत्मीय क्षण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती दुबे से राखी बंधवाना उनके लिए विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है।
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पर्व को देश और प्रदेश की सुरक्षा में समर्पित जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के भाव से जोड़ना अत्यंत सुखद अनुभव रहा।
उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और बलिदान जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। हमारे जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन करते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला पत्रकारों का विशेष रूप से स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। हमारी महिला पत्रकार अनेक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज को देश-दुनिया के घटनाक्रम से अवगत करा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने आत्मीय प्रसंग साझा करते हुए बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटने के दौरान आज सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने उन्हें राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्व-सहायता समूहों की दीदियां, लखपति दीदियां, ड्रोन दीदियां, ई-रिक्शा दीदियां, सेटरिंग प्लेट दीदियां और मितानिन दीदियां अपने-अपने क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से स्थानीय नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका और मजबूत हुई है। आज अनेक सरपंच दीदियां अपने नेतृत्व और नवाचार से गांवों के विकास को नई दिशा दे रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व प्रदेश की माताएं-बहनें उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसके लिए निर्धारित समय से पहले 25 अगस्त को ही महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों के बैंक खातों में अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए कर रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल