मराठापारा में श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा महालक्ष्मी पर्व

 




धमतरी, 18 सितंबर (हि. स.)। शहर के मराठापारा में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ महालक्ष्मी पर्व की शुरुआत हुई। क्षेत्र के लगभग 30 घरों में विधि-विधान से मां महालक्ष्मी की स्थापना की गई है। स्थापना के साथ ही पूरे मोहल्ले में धार्मिक वातावरण बन गया है और सुबह-शाम पूजा-अर्चना एवं आरती के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है।

मराठापारा में मनाया जाने वाला महालक्ष्मी पर्व ढाई दिनों तक चलता है। इस दौरान माता का विशेष श्रृंगार कर पूजा, आरती, भोग और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की मंगलकामना और घर में धन-धान्य की वृद्धि के लिए महिलाएं विशेष रूप से माता की आराधना करती हैं। आनंद पवार ने बताया कि पर्व के ढाई दिनों का विशेष धार्मिक महत्व है। पहले दिन संतान सप्तमी के अवसर पर महिलाओं ने परिवार और संतान की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। दूसरे दिन राधा अष्टमी पर भी विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया गया। पर्व की खास परंपरा के तहत 16 प्रकार की भाजी की सब्जी तैयार की गई तथा गेहूं के आटे से 32 दीपक बनाए गए। इन दीपकों को शनिवार को दाल के साथ पकाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा है।

शनिवार को माता का मुखड़ा हिलाने की विशेष परंपरा भी निभाई जाएगी। इसे देखने और माता के दर्शन के लिए आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। महालक्ष्मी पर्व के दौरान सुबह और शाम आरती के समय बड़ी संख्या में महिलाएं एवं श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा और श्रद्धा के साथ शामिल हो रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर्व को लेकर उत्साह बना हुआ है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ मराठापारा की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। आनंद पवार, शरद रणसिंह, प्रकाश पवार, अशोक पवार, शांतनु बाबर, पंकज बाबर, किशोर जाधव, विश्वजीत कृदत, दुष्यंत घोरपड़े, चंद्रकांत जाधव, अजीत जाधव सहित करीब 30 परिवारों में महालक्ष्मी की स्थापना की गई है। इसी तरह से दीपक लोंढे, रोशन लोंढे विनोद राव लोंढे, नम्रता लोंढे, सुचेता, सुमित्रा शिंदे सुनीता सौम्या किरण होलकर, शांता लोंढे, कनिका,तान्या, बुलबुल, आशा देशमुख के परिवार में यह पर्व मनाया गया। विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ पर्व का समापन किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा