नाला में बही कार चौथे दिन बरामद, कार के साथ पति-पत्नी का मिला शव

 




सारंगढ़-बिलाईगढ़, 29 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के माधोपली क्षेत्र में उफनते लात नाला में बही कार को चौथे दिन आज बुधवार काे बरामद कर लिया गया। हादसे में लापता ग्राम घोटला बड़े के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी के शव भी कार के साथ मिले हैं।

बुधवार को लगातार चार दिनों तक चले कठिन रेस्क्यू अभियान के बाद यह सफलता मिली। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, स्थानीय ग्रामीणों और पंजाब से आई गोताखोर टीम के संयुक्त प्रयासों से यह कठिन अभियान पूरा हो सका।

जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 5:30 बजे सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर माधोपली पुल के पास स्थित लाट नाला तेज बारिश के कारण उफान पर था। इसी दौरान पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल अपनी पत्नी के साथ कार से नाला पार करने का प्रयास कर रहे थे। अचानक तेज बहाव में कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी और पानी के साथ बह गई।

घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस, प्रशासन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पहले दिन देर शाम तक खोजबीन जारी रही, लेकिन अंधेरा और पानी का तेज बहाव होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। सोमवार से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी मुश्किलें आईं।

बताया जा रहा है कि कार हादसे के बाद लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर तक बह गई थी। तीसरे दिन तक दंपती और वाहन का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों और क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ती जा रही थी। मंगलवार तक 33 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सफलता नहीं मिलने पर रायपुर से अतिरिक्त टीमों को बुलाने की तैयारी की गई।

मंगलवार देर रात पंजाब से पहुंची निजी गोताखोरों की टीम ने बुधवार सुबह करीब 9 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू किया। महज कुछ ही समय में टीम ने नाले में डूबी कार का पता लगा लिया। इसके बाद प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमों और ग्रामीणों की मदद से रस्सियों के सहारे वाहन को बाहर निकाला गया।

जब कार को बाहर निकाला गया तो वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे। पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी के शव कार की पिछली सीट पर एक-दूसरे का हाथ थामे हुए मिले। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के बाद घोटला बड़े सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों ने पंजाब से आई गोताखोर टीम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और रेस्क्यू अभियान में सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल