कैंसर के मरीज दिनोंदिन बढ़ रहे, लाइलाज बीमारी नहीं : डा संदीप दवे

 


धमतरी, 12 सितंबर (हि.स.)। रामकृष्ण केयर हास्पिटल रायपुर के डाॅ. संदीप दवे, सीनियर लेप्रोस्कोपिक एंड रोबोटिक सर्जन ने शनिवार को रूद्री रोड स्थित द जिंजर लीफ रेस्टोरेंट में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कैंसर के मरीज दिनोंदिन बढ़ रहे हैं, लेकिन उनके लिए उपचार के पर्याप्त सुविधा नहीं है। कैंसर लाइलाज बीमारी नहीं है, इलाज संभव है।

सीनियर लेप्रोस्कोपिक एंड रोबोटिक सर्जन डाॅ. संदीप दवे ने बताया कि कैंसर बीमारी के लिए कोई उम्र बंधन नहीं है, किसी को भी हो सकता है। इसका मुख्य कारण मिलावटी खाना है। सब्जियों में अधिक रसायन का उपयोग समेत कई अन्य कारण है। तंबाकू, गुटखा, सिगरेट व शराब पीने वाले लोग कैंसर बीमारी के लिए हाईरिस्क् की श्रेणी में आते हैं, इसका सेवन करने वाले सभी को कैंसर हो यह जरूरी नहीं होता। कैंसर होने का कारण जेनेटिक भी है। उन्होंने बताया कि रामकृष्ण केयर हास्पिटल रायपुर में चार सितंबर को कैंसर के बेहतर उपचार के लिए उनके संस्थान में आपरेशन, किमोथैरेपी और सेकाई की सुविधा उपलब्ध शुरू हो गई है, जो एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। उपचार के लिए उनके पास डाक्टरों की बेहतर टीम है। वहीं पेट संबंधी सभी आपरेशन उनके अस्पताल में अब रोबोटिक सर्जरी किया जाता है, जो ओपन सर्जरी से काफी बेहतर है। रिस्क कम होता है और खर्चीला भी कम है।

क्या है कैंसर

डाॅ. संदीप दवे ने बताया कि शरीर के सेल्स का उम्र के अनुसार ग्रोथ सामान्य होता है। शरीर के अंग बढ़ता है, लेकिन समय से पहले जब सेल्स शरीर में तेजी से बढ़ता है या गलत तरीका से बढ़ता है, तो यही ट्यूमर के रूप में बड़ा हो जाता है, जिसे कैंसर कहते हैं।

छह घंटे के भीतर लकवा का उपचार जरूरी

डाॅ. संदीप दवे ने बताया कि लकवा व ब्रेन हेमराज का उपचार एलोपैथी में ही है। यदि बीमार व्यक्ति को लकवा व ब्रेन हेमराज होने के छह घंटे के भीतर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जाए, तो लकवा रिवर्स हो जाता है। किसी तरह थक्के को दूर किया जा सकता है। मरीज का जीवन बचाया जा सकता है। इसे गोल्डन चांस भी कहा जाता है। लकवा व खून का थक्का, हैमरेज को आपरेशन के माध्यम से एलोपैथी से ही ठीक किया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा