पहली बारिश में टूटी 15 करोड़ की नहर लाइनिंग, किसानों के फसल काे हुआ नुकसान

 


कांकेर, 30 जुलाई (हि.स.)। जिले में लगातार बारिश से सभी नदी नाले उफान पर हैं, वहीं बारिश से निर्माण कार्यों की भी पोल खुल रही है। शामतरा गांव में 15 करोड़ से ज्यादा की लागत से बनी नहर लाइनिंग, पहली ही बारिश में टूट गई है। किसानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए दुधावा डैम से सोनपुर तक नहर लाइनिंग बनाई गई। 15 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बनी नहर लाइनिंग पहली ही बारिश नहीं झेल पाई और शामतरा के पास ढह गई है। ऐसे में फसल चौपट होने से ग्रामीण काफी आक्रोशित नजर आ रहे हैं।

नहर नाली के टूटने के कारण बड़ा गड्ढा बन गया है, जहां से पानी लगातार तेज गति से बह रहा है। ग्रामीणों ने पहले नहर लाइनिंग के निर्माण कार्य को लेकर आपत्ति जताई थी। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए विरोध भी किया था, लेकिन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया गया, अब नतीजा सामने आ चुका है। विभागीय लापरवाही और निर्माण की निम्न गुणवत्ता के कारण नहर टूटने से पानी का तेज बहाव तालाब के मेड़ को तोड़कर किसानों की फसलों तक पहुंच गया है, 20 से ज्यादा किसानों की 30-35 एकड़ से अधिक फसलों को नुकसान हुआ है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारी धर्मेंद्र मेश्राम का कहना है कि हमने साइट का जायजा लिया। अभी डैम का गेट नहीं खुला है, कैनाल में पानी नहीं आ रहा है। आखिर ये पानी कहां से आया, इसके लिए हमने जायजा लिया। दरअसल भारतमाला की रोड के कैचमेंट के पानी को कैनाल में डाला गया है। सुपरपास को भी क्षतिग्रस्त कर पुलिया बनाया गया है, पुलिया का पानी भी कैनाल में आया है। लो एरिया में ओवरफ्लो होकर पानी नीचे तालाब में चला गया। पिछले साल गुणवत्ता पर सवाल उठा था तो हमने ठेकेदार को हटा दिया था। उन्हाेने कहा कि अभी जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उसका मूल्यांकन कर शासन को भेजा जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे