मिट्टी के बर्तनों के कारोबार से आत्मनिर्भर बनीं सोन कुमारी, सक्षम योजना से मिली नई राह
सूरजपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। मजदूरी से परिवार का खर्च चलाने और बच्चों की पढ़ाई का इंतजाम करने में आने वाली परेशानियों के बीच छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के केशवनगर की सोन कुमारी प्रजापति ने स्वरोजगार का रास्ता चुना। छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना से मिली 40 हजार रुपये की ऋण सहायता से उन्होंने मिट्टी के बर्तनों की दुकान शुरू की। आज बुधवार को सामने आई उनकी सफलता की कहानी बताती है कि आर्थिक सहयोग और मेहनत से आत्मनिर्भरता की राह बनाई जा सकती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित सक्षम योजना के तहत मिली राशि से सोन कुमारी ने अपना व्यवसाय शुरू किया। उनकी दुकान में मटके, घड़े, गुल्लक, कलश और दीये सहित मिट्टी से बनी विभिन्न पारंपरिक वस्तुएं उपलब्ध हैं। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ त्योहारों और विशेष अवसरों पर इन वस्तुओं की मांग से उन्हें आमदनी का अवसर मिल रहा है।
सोन कुमारी बताती हैं कि पहले मजदूरी से होने वाली सीमित कमाई में घर चलाना और बच्चों की स्कूल फीस भरना मुश्किल होता था। दुकान शुरू होने के बाद परिवार की जरूरतें पूरी करने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद मिल रही है। इससे उन्हें आर्थिक संबल के साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभाने का आत्मविश्वास भी मिला है।
उन्होंने बताया कि सक्षम योजना से मिली 40 हजार रुपये की सहायता ने उनके लिए स्वरोजगार का रास्ता खोला। अब वे दुकान की कमाई से घर का खर्च चलाने और बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में योगदान दे रही हैं। सोन कुमारी ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई सोन कुमारी की कहानी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों का उदाहरण है। योजना के माध्यम से मिली सहायता और उनके परिश्रम ने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में मदद की है।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय