विनीता की मौत पर गहराया रहस्य: चौथे दिन कब्र से निकाला शव, दहेज प्रताड़ना और हत्या की आशंका

 


काेरबा, 22 मई (हि.स.)। उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। दफन के चार दिन बाद शुक्रवार काे प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। मामले में मायके पक्ष ने पति, सास और ससुर पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या की आशंका के गंभीर आरोप लगाए हैं।

तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग, फॉरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल की उपस्थिति में आज शव उत्खनन की कार्रवाई की गई। तेज धूप के बीच घंटों तक चली इस प्रक्रिया को देखने बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि शुरुआत में मृतिका के ससुर ने शव निकालने का विरोध किया, लेकिन बाद में पुलिस की समझाने पर कार्रवाई पूरी की गई।

मृतिका के मायके पक्ष का आरोप है कि विनीता को शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पति मुकेश पाटले द्वारा आए दिन मारपीट, गाली-गलौज और घर से निकाल देने की बात भी परिजनों ने कही है। परिवार का कहना है कि विनीता कई बार रोते हुए मायके पहुंचती थी, लेकिन बच्चों और परिवार को देखते हुए समझौता कर उसे वापस ससुराल भेज दिया जाता था।

मृतिका की मां ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश भी की गई थी। वहीं हाल ही में कुछ लोगों को गांव के पंच-सरपंच काे बताकर समझाने के नाम पर विनीता को ससुराल ले जाया गया, जबकि बाद में वे लोग रिश्तेदार निकले। इससे परिवार का शक और गहरा गया है।

परिजनों का कहना है कि मौत के बाद शव को नहलाते समय शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए थे। नाक और मुंह से खून निकलने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद बिना पोस्टमार्टम कराए जल्दबाजी में शव दफना दिया गया, जिस कारण मामला संदिग्ध बन गया।

विनीता की बहन ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह पूरी तरह स्वस्थ थी और एक पारिवारिक कार्यक्रम में डांस भी कर रही थी। ऐसे में अचानक मौत होने और पोस्टमार्टम नहीं कराने को लेकर परिवार लगातार सवाल उठा रहा है।

इधर, पति मुकेश पाटले ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। हालांकि, वह विनीता के बार-बार मायके जाने के सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया।

उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि मायके पक्ष की शिकायत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में शव उत्खनन कराया गया है। पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई अब पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विनीता की मौत सामान्य थी या इसके पीछे किसी साजिश और प्रताड़ना की भूमिका रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी