रायपुर नगर उत्तर विधानसभा में बीएलओ और सुपरवाइजरों को मिला प्रशिक्षण
- एएसडी सूची में दर्ज मतदाताओं का घर-घर जाकर होगा सत्यापन
रायपुर, 10 अक्टूबर (हि. स.)। रायपुर नगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-50 में आज शनिवार को बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में 259 बीएलओ और 26 सुपरवाइजरों को मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने तथा वर्ष 2026 की एएसडी सूची के सत्यापन से संबंधित तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनर संदीप ने प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजरों को कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सटीक पालन करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर रायपुर नगर उत्तर विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के.एम. अग्रवाल ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका है। मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी बूथ स्तर के अधिकारियों पर है। उन्होंने सभी बीएलओ को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रशिक्षण में एएसडी सूची के सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया। एएसडी सूची में अनुपस्थित , स्थानांतरित, डुप्लीकेट तथा मृत मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियां शामिल होती हैं। सूची में दर्ज नामों का सत्यापन बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर किया जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति की पुष्टि हो सके और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सके।
ईआरओ श्री अग्रवाल ने कहा कि, भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो। इसके लिए सत्यापन का कार्य पारदर्शिता और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि, निर्धारित अर्हता तिथियों—1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर—को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित करने, नामों की जांच कराने तथा आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया में सहयोग देने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशिक्षण के दौरान स्कूलों और महाविद्यालयों में वोटर अवेयरनेस क्लब गठित करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर