हरतालिका तीज का पावन पर्व त्याग, तपस्या, समर्पण और अटूट आस्था का अनुपम संगम : लक्ष्मी वर्मा

 


भाजपा राज्यसभा सांसद ने ‘हरतालिका तीज’ पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी

रायपुर 14 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की सांसद (राज्यसभा) लक्ष्मी वर्मा ने सनातन संस्कृति के अत्यन्त पावन एवं आस्था के प्रतीक 'हरतालिका तीज' (तीजा) पर प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए मंगलकामनाएँ व्यक्त की हैं।

भाजपा सांसद वर्मा ने साेमवार काे कहा कि हरतालिका तीज का पावन पर्व त्याग, तपस्या, समर्पण और अटूट आस्था का अनुपम संगम है। यह महापर्व भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की दृढ़ इच्छाशक्ति, पतिव्रत धर्म और पारिवारिक मूल्यों की महत्ता को रेखांकित करता है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अत्यन्त कठिन तप किया था, यह पर्व उसी निश्छल भक्ति और संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह व्रत परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और अखण्ड सौभाग्य का संचार करता है।

वर्मा ने देवाधिदेव महादेव और जगज्जननी माँ पार्वती से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान शिव और माता गौरी की कृपा समस्त मातृशक्ति पर सदैव बनी रहे। सभी का दाम्पत्य जीवन प्रेम, विश्वास और सौहार्द से परिपूर्ण रहे तथा हमारा प्रदेश सुख, शांति और समृद्धि के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़े।

भाजपा सांसद वर्मा ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार मातृशक्ति को केंद्र में रखकर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है, जिससे राज्य की करोड़ों महिलाएँ सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। राज्य सरकार द्वारा 'महतारी वन्दन योजना' के तहत प्रदेश की 70 लाख से अधिक पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 (वार्षिक 12,000) की सीधी आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए दी जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बहनों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय संसाधनों से जोड़ा जा रहा है। लक्ष्य तय कर महिलाओं की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक करने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है, जिससे गाँव-गाँव में महिलाएँ सफल उद्यमी के रूप में उभर रही हैं। गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों की बहनों को रसोई के धुएं से मुक्ति और आर्थिक राहत देने की दिशा में बाल विकास व पोषण अभियानों को भी धरातल पर गति दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल