नारी सम्मान, गरीबों का स्वाभिमान और राष्ट्र की एकता ही सशक्त भारत की आधारशिला हैं : रूप कुमारी चौधरी
रायपुर, 21 अक्टूबर (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महासमुंद लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी ने कहा कि, दशकों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस सरकारों ने महिलाओं की बुनियादी जरूरतों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देश में 12 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालय बनाए गए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सितंबर 2026 तक 10.56 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के ग्रामीण घटक के अंतर्गत अगस्त 2026 तक लगभग 3.12 करोड़ आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि, शौचालय, पक्का आवास और स्वच्छ ईंधन केवल सरकारी योजनाएं नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं हैं। एक महिला होने के नाते वे खुले में शौच की विवशता और उससे जुड़ी सामाजिक चुनौतियों को समझती हैं। इन योजनाओं ने गरीब परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का काम किया है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, जब गरीबों और महिलाओं को विकास तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और वे अपने विवेक से लोकतांत्रिक निर्णय ले रहे हैं, तब विपक्ष को जनादेश पर सवाल उठाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। संविधान किसी एक परिवार की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, न्याय और सम्मान देने के लिए है।
चौधरी ने कहा कि, भारत का इतिहास साक्षी है कि देश ने सदियों से अनेक चुनौतियों और आक्रमणों का सामना अपनी संस्कृति, सभ्यता, संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना के बल पर किया है। भारत की सांस्कृतिक जड़ें इतनी गहरी हैं कि कोई भी चुनौती उसकी राष्ट्रीय पहचान और एकता को समाप्त नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि विदेशी वित्तपोषण या बाहरी हस्तक्षेप के सहारे देश में अराजकता फैलाने, सामाजिक विभाजन बढ़ाने और राष्ट्रविरोधी ताकतों को मजबूत करने का प्रयास करने वाले लोगों को यह समझना चाहिए कि भारत की जागरूक जनता और उसकी सांस्कृतिक शक्ति ऐसे मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि विदेशी फंडिंग से जुड़े किसी भी आरोप की जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, लेकिन देश की संप्रभुता और एकता से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन हिंसा, अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। भारत अपनी संस्कृति, सभ्यता, संस्कारों और राष्ट्रीय एकता के बल पर हर चुनौती का सामना करता आया है और आगे भी करता रहेगा। नारी सम्मान, गरीबों का स्वाभिमान और राष्ट्र की एकता ही सशक्त भारत की आधारशिला हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर