अम्बिकापुर : कलयुगी बेटी-दामाद ने ससुर को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, गोबर से मिटाए खून के धब्बे

 


अम्बिकापुर, 15 जुलाई (हि.स.)। सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां महज माेटरसाइकिल की किश्त चुकाने के मामूली विवाद पर एक कलयुगी बेटी और दामाद ने मिलकर अपने ही बुजुर्ग ससुर की बेरहमी से हत्या कर दी। बतौली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों हत्यारे पति-पत्नी को गिरफ्तार कर बुधवार काे सलाखों के पीछे भेज दिया है।

यह पूरी खूनी वारदात बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बांसाझाल अंतर्गत बालापानी बकेनपारा की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित 55 वर्षीय पहाड़ी कोरवा लोहर साय (पिता चमरू राम) मंगलवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे अपने घर पर मौजूद था। इसी दौरान उसका दामाद बंधन राम माेटरसाइकिल की किश्त पटाने की बात को लेकर लोहर साय से उलझ गया। देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि लोहर साय की सगी बेटी सोनकुंवारी भी वहां पहुंच गई। उसने अपने पिता का साथ देने के बजाय पति का पक्ष लिया और आग में घी डालने का काम किया।

गुस्से से तमतमाए दामाद बंधन राम ने अपने ससुर लोहर साय को जमीन पर पटक दिया और अंधाधुंध पीटना शुरू कर दिया। इस हैवानियत में उसकी पत्नी सोनकुंवारी ने भी अपने पति का पूरा साथ दिया। दोनों की संयुक्त पिटाई से बुजुर्ग लोहर साय पूरी तरह बेसुध हो गया। इसके बाद भी जब इन दोनों का दिल नहीं पसीजा, तो इन्होंने पास ही पड़े एक गमछे से लोहर साय का गला तब तक घोंटा, जब तक कि उसकी सांसें हमेशा के लिए थम नहीं गईं। ससुर की मौत होते ही दोनों आरोपित घबरा गए और लाश को घर की परछी (बरामदे) में ही छोड़कर भागने की फिराक में जुट गए।

इस बीच दीवार और जमीन पर गिरे खून के छींटों को देखकर दोनों ने चालाकी दिखाई और अपराध को छिपाने के लिए उन जगहों पर गोबर से लिपाई कर दी ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, पाप का घड़ा जल्द ही फूट गया। रात होते-होते ग्रामीणों को घर के भीतर कुछ अनहोनी होने का अंदेशा हुआ। जब ग्रामीणों ने जाकर देखा तो लोहर साय का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ, जिसके गले में गमछा लिपटा हुआ था। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बतौली थाना पुलिस को दी।

बुधवार सुबह बतौली थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब घटनास्थल का मुआयना किया, तो मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले। साथ ही दीवार पर गोबर से लिपे होने के बावजूद खून के धब्बे साफ नजर आ रहे थे, जिससे पुलिस को समझने में देर नहीं लगी कि यह सोची-समझी हत्या है। पुलिस ने पंचनामा की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शांतिपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवा दिया है। वहीं, तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपित दामाद बंधन राम और बेटी सोनकुंवारी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आज जेल भेज दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह