बीजापुर के मुनगा गांव में पेड़ के नीचे चल रहा आंगनबाड़ी केंद्र
बीजापुर, 25 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के मुनगा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र भवन के अभाव में पेड़ के नीचे संचालित होना एक गंभीर समस्या को दर्शाता है। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। ऐसे में उचित भवन का न होना कई तरह की कठिनाइयाँ पैदा करता है।
आंगनबाड़ी संचालिका के अनुसार जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर मुनगा गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पिछले कई वर्षों से यहां भवन के अभाव में खुले आसमान के नीचे, आम के एक पेड़ के तले बच्चों की शिक्षा और पोषण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आंगनबाड़ी संचालिका ने बताया कि 1999 में यहां झोपड़ी में आंगनबाड़ी की शुरुआत हुई थी, लेकिन सलवा जुडूम काल के बाद झोपड़ी भी नष्ट हो गई, जिसके बाद से लगभग 7-8 वर्षों से आम के पेड़ के नीचे ही आंगनबाड़ी चल रही है। यहां न तो पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध है, न बच्चों के लिए पर्याप्त जगह, न बैठने की उचित सुविधा। करीब 40 बच्चों के लिए सिर्फ एक छोटी सी दरी का इंतजाम है। मुनगा आंगनबाड़ी में न शेड है, न सुरक्षा, न पीने के पानी की व्यवस्था, और न ही बच्चों के लिए पढ़ाई का कोई बुनियादी साधन, बावजूद इसके आंगनबाड़ी का औपचरिक संचलन जारी है। महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीरता लेकर व्यवस्था की ओर त्वरित कार्यवाही की आव्श्यकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे