समयबद्ध तरीके से योजनाओं का हो क्रियान्वयन: सीईओ जयंत नाहटा

 




धमतरी, 08 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत जिले में संचालित योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा ने विभिन्न विकासखंडों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और क्लस्टर स्तरीय संघों की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सभी कार्यक्रमों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में जेण्डर सभा एवं जेण्डर संसद कार्यक्रम-2026 की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। नाहटा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने वाले इन कार्यक्रमों को औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए गांव और समुदाय स्तर पर सार्थक संवाद एवं जागरूकता का माध्यम बनाया जाए। स्व-सहायता समूहों को वित्तीय सहायता और संस्थागत सुदृढ़ीकरण की समीक्षा के दौरान अब तक आरएफ राशि प्राप्त नहीं करने वाले समूहों की सूची कारण सहित जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

कुरूद विकासखंड के सिर्री और जीजामगांव क्लस्टर में जेण्डर जीएमटी उपलब्ध नहीं होने पर कोर्रा संकुल के जीएमटी को आवश्यक प्रभार देने कहा गया। सभी बीपीएम को सीएलएफ और वीओ के पदाधिकारियों के दो वर्षीय रोटेशन से संबंधित जानकारी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में लोकोस पोर्टल पर सीएलएफ, वीओ और एसएचजी की एमआईएस, कट-ऑफ एंट्री एवं नियमित ट्रांजेक्शन एंट्री की स्थिति की समीक्षा करते हुए डिजिटल रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखने पर जोर दिया गया। तकनीकी अथवा अन्य समस्या आने पर तत्काल जिला कार्यालय को जानकारी देने के निर्देश दिए गए। सामुदायिक संस्थाओं को सक्षम बनाने के लिए ईसी सदस्यों के गुड गवर्नेंस प्रशिक्षण के साथ एफएनएचडब्ल्यू, एसआईएसडी और जेण्डर विषयों पर क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित करने कहा गया। वित्तीय अनुशासन के तहत जिले के सभी सीएलएफ का सितंबर माह के अंत तक ऑडिट पूरा कराने के निर्देश दिए गए। महिलाओं के लिए ऊर्जा और आजीविका के नए अवसरों से जुड़े सोलर दीदी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सीएसपीडीसीएल के साथ एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने और संबंधित सीएलएफ का जीएसटी पंजीयन कराने कहा गया। कॉफी टेबल बुक के लिए प्रत्येक विकासखंड से 15-15 लखपति दीदी की जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि महिलाओं की आर्थिक प्रगति, नवाचार, उद्यमिता और सफलता की कहानियों को सामने लाया जा सके।

नगरी विकासखंड के बेलरगांव क्लस्टर और कुरूद विकासखंड के नारी क्लस्टर में संचालित अंबर चरखा गतिविधि की समीक्षा के दौरान धागे की उपलब्धता नहीं होने से चरखे का संचालन प्रभावित होने की जानकारी पर संबंधित खादी ग्रामोद्योग को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ओएसएफ मैनेजमेंट कमेटी के गठन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया। नाहटा ने कहा कि बिहान ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय अमले और सामुदायिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा