पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, बोले- हर मोर्चे पर सरकार विफल

 


रायपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खेती, शिक्षा, बिजली, खाद संकट, स्वास्थ्य सेवाओं और युवाओं पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि, सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।

बघेल ने कहा कि, प्रदेश में खंड वर्षा से खेती प्रभावित हुई है, लेकिन किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएपी और यूरिया की भारी कमी है तथा खाद की कालाबाजारी दोगुने-तिगुने दाम पर हो रही है। उन्होंने कहा कि, गरियाबंद सहित कई जिलों में किसान खाद के लिए परेशान हैं।

शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, स्कूल खुलने के बाद भी कई बच्चों को अब तक बस्ता और ड्रेस नहीं मिली है, जबकि स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने स्वामी आत्मानंद स्कूलों में फीस वसूली का भी आरोप लगाया।

बिजली के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि, स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता से संगठित लूट की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि, जरूरत से ज्यादा बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। साथ ही स्मार्ट मीटर के कारण मीटर रीडरों की नौकरियां भी प्रभावित हो रही हैं।

युवाओं पर कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि, प्रदर्शन के दौरान सरकार ने कार्रवाई नहीं करने का वादा किया था, लेकिन अब छात्रों को जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार की वादाखिलाफी बताया।

बस्तर में बढ़ते मलेरिया के मामलों पर चिंता जताते हुए बघेल ने कहा कि, यह सरकार की आपराधिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाट बाजार क्लीनिक और अन्य स्वास्थ्य योजनाएं बंद होने से दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर