नशामुक्ति की राह पर आगे बढ़ा बनबगौद

 


धमतरी, 23 अगस्त (हि.स.)। नशे के खिलाफ अब ग्राम बनबगौद की महिलाएं खुद मोर्चा संभाल रही हैं। कुकरेल क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य इस गांव में लगभग 30 स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। नशे के कारण परिवारों और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए महिलाओं ने जागरूकता अभियान शुरू किया है।

उनका कहना है कि गांव के कुछ युवाओं के नशे की गिरफ्त में आने से दुर्घटनाओं में असमय मौत, परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने और नवविवाहित परिवारों के उजड़ने जैसी घटनाओं ने उन्हें इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। महिलाएं सुबह और शाम सामूहिक रूप से गांव में गश्त लगाती हैं और नारे लगाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करती हैं। वे युवाओं और ग्रामीणों से नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील कर रही हैं। अभियान शुरू करने से पहले महिलाओं ने ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी पहल की जानकारी दी।

समिति के अध्यक्ष और सचिव ने अभियान का समर्थन करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। महिलाओं के इस सामाजिक सरोकार को प्रोत्साहित करने के लिए 25 अगस्त को ग्राम बनबगौद में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा महिलाओं को नशामुक्ति अभियान में उपयोग के लिए टोपी और बिगुल प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नगरी, उप संचालक समाज कल्याण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। बनबगौद की महिलाओं की यह पहल बताती है कि जब मातृशक्ति सामाजिक बदलाव का संकल्प लेती है तो वह अभियान को जनआंदोलन का रूप दे सकती है। नशामुक्त गांव की दिशा में उनका यह प्रयास युवाओं के सुरक्षित भविष्य, स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की प्रेरणादायी मिसाल बन रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा