पोलमपल्ली ग्राम सभा का फैसला, सूचना पट्ट लगाकर धर्मांतरण पर लगाया प्रतिबंध
सुकमा, 22 अगस्त (हि.स.)। जिले के पोलमपल्ली ग्राम पंचायत में शनिवार काे आयोजित विशेष ग्राम सभा में गांव की पारंपरिक व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए।
इसके बाद ग्राम सभा के निर्णयों को सार्वजनिक करने के लिए गांव में सूचना एवं चेतावनी पट्ट लगाया गया है। सूचना पट्ट में कहा गया है कि ग्राम सभा की पूर्व अनुमति के बिना गांव की सीमा में धार्मिक सभाएं, प्रचार-प्रसार और धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी। पादरियों, इसाई मिशनरी संस्थाओं और प्रचारकों के गांव में प्रवेश तथा घर-घर प्रचार के लिए भी ग्राम सभा को पहले सूचना देकर अनुमति लेना अनिवार्य बताया गया है।
विशेष ग्राम सभा में जनजातीय रीति-रिवाज, पारंपरिक आस्था, संस्कृति और सामाजिक पहचान के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों ने गांव में शांति और सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता जताई है। ग्राम सभा के प्रस्ताव में कहा गया है कि स्थानीय व्यवस्था या ग्राम सभा के निर्णयों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार प्रशासन को सूचना दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। बैठक में पेसा अधिनियम, 1996 के तहत ग्राम सभा को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों को ग्राम सभा की भूमिका और सामुदायिक हितों से जुड़े निर्णयों के बारे में जानकारी दी गई।
पोलमपल्ली के जनपद पंचायत सदस्य मड़कम भीमा ने बताया कि विशेष ग्राम सभा का उद्देश्य गांव की परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि सूचना पट्ट के जरिए ग्राम सभा के फैसलों को सार्वजनिक किया गया है, ताकि गांव में शांति, सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना बनी रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे