बलरामपुर एसपी की बड़ी कार्रवाई: ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मिले आरक्षक को सेवा से किया पृथक
बलरामपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में डायल 112 वाहन लेकर निकलने और वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने कड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद आरक्षक क्रमांक 878 संजय मारकण्डे को 19 सितंबर 2026 को पुलिस सेवा से पृथक कर दिया गया है।
मामला बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 7 जुलाई 2026 की रात आरक्षक संजय मारकण्डे की ड्यूटी चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर क्षेत्र में संचालित डायल 112 वाहन क्रमांक सीजी 03 ए-2749 में लगाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक रात करीब 11:40 बजे डायल 112 वाहन को एक इवेंट मिलने की सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद आरक्षक संजय मारकण्डे और वाहन चालक ओमप्रकाश यादव वाहन लेकर ग्राम सिवरी बरतीकला की ओर रवाना हुए।
रात करीब 11:45 बजे वाड्रफनगर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर न्यू पंचवटी ढाबा के आगे सामने से आ रही पिकअप वाहन क्रमांक यूपी-64 सीटी-1055 और डायल 112 वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में डायल 112 वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के बाद डायल 112 वाहन में तैनात आरक्षक और चालक के हाव-भाव से उनके शराब के नशे में होने की आशंका हुई। इसके बाद दोनों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में आरक्षक संजय मारकण्डे और वाहन चालक के ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई।
मामले में विभागीय जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि आरक्षक संजय मारकण्डे को वाड्रफनगर क्षेत्र में डायल 112 जैसी महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा में ड्यूटी पर तैनात किया गया था। इवेंट के दौरान वह शराब के नशे में पाया गया।
जांच में यह भी प्रमाणित हुआ कि आरक्षक और डायल 112 वाहन चालक दोनों के शराब के नशे में होने के दौरान शासकीय वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ। पुलिस विभाग ने इसे ड्यूटी के प्रति गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और गंभीर कदाचार माना।
विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने आरक्षक क्रमांक 878 संजय मारकण्डे के खिलाफ कार्रवाई की। संजय मारकण्डे की तत्कालीन पदस्थापना चौकी वाड्रफनगर में थी और वर्तमान में वह रक्षित केंद्र बलरामपुर में पदस्थ था।
पुलिस अधीक्षक ने 19 सितंबर 2026 को उसे पुलिस सेवा से पृथक कर दिया। डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवा में ड्यूटी के दौरान शराब सेवन और सरकारी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में हुई यह कार्रवाई बलरामपुर पुलिस विभाग की ओर से गंभीर अनुशासनहीनता पर कड़ा कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय