सामग्री प्राप्त संस्थाओं से ही स्टॉक पंजी में सत्यापित प्रविष्टि का प्रमाण-पत्र मांगा गया
बलरामपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। बलरामपुर जिले के स्कूलों में सामग्री की आपूर्ति और स्टॉक पंजी में प्रविष्टि को लेकर विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रसारित खबरों के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने तथ्यात्मक जानकारी जारी की है। कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वास्तव में सामग्री प्राप्त या आपूर्ति करने वाली संस्थाओं से ही संबंधित सामग्री की स्टॉक पंजी में सत्यापित प्रविष्टि की पुष्टि के लिए प्रमाण-पत्र मांगा गया है। इस संबंध में आज सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कार्यालय द्वारा सामग्री प्राप्त करने वाली संस्थाओं से यह प्रमाण-पत्र इसलिए चाहा गया है, ताकि संबंधित सामग्री की स्टॉक पंजी में दर्ज प्रविष्टि का सत्यापन किया जा सके। इसका उद्देश्य उपलब्ध कराई गई सामग्री और संबंधित अभिलेखों का मिलान सुनिश्चित करना है।
सामग्री नहीं मिली तो प्रमाण-पत्र देने का निर्देश नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्था या विद्यालयों को संबंधित सामग्री प्राप्त अथवा आपूर्ति नहीं हुई है, उन्हें उस सामग्री की प्राप्ति का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित नहीं किया गया है।
कार्यालय ने कहा कि प्रमाण-पत्र केवल उन्हीं संस्थाओं से मांगा गया है, जहां संबंधित सामग्री वास्तव में प्राप्त या आपूर्ति हुई है। ऐसे मामलों में स्टॉक पंजी में सामग्री की प्रविष्टि सत्यापित होने की पुष्टि के लिए प्रमाण-पत्र लिया जा रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से यह स्पष्टीकरण विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रसारित “स्कूलों में सामग्री पहुंची नहीं, फिर सीएससी से प्रमाण-पत्र क्यों” संबंधी खबरों के संदर्भ में दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय